हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए अभिलाषी कॉलेज ऑफ नर्सिंग को शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए एमएससी नर्सिंग पाठ्यक्रम में छात्रों के प्रवेश के लिए प्रोविजनली काउंसलिंग में भाग लेने की अनुमति दी है। कॉलेज ने राज्य सरकार से अनापत्ति प्रमाण पत्र न मिलने के कारण उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी।
न्यायाधीश ज्योत्सना रिवॉल दुआ की अदालत ने इस मामले की तात्कालिकता और पिछले वर्षों में जारी किए इसी तरह के अंतरिम आदेशों को ध्यान में रखते हुए प्रतिवादी को निर्देश दिए हैं कि कॉलेज का नाम काउंसलिंग के लिए पात्र कॉलेज की सूची में शामिल किया जाए। मामले की अगली सुनवाई 8 अक्तूबर को होगी। याचिकाकर्ता कॉलेज की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) की अनुपस्थिति के कारण कॉलेज को हिमाचल प्रदेश नर्सिंग रजिस्ट्रेशन काउंसिल (एचपीएनआरसी) से भी अनुमोदन नहीं मिल सका। वहीं, सरकार की ओर से बताया गया कि कॉलेज की निरीक्षण रिपोर्ट अभी भी समिति से प्रतीक्षित है। प्रतिवादी विश्वविद्यालय ने कहा कि काउंसलिंग में भाग लेने के लिए एनओसी और एचपीएनआरसी दोनों की अनुमति आवश्यक है।