फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

HP High Court: हिमाचल हाईकोर्ट का फैसला, दो वर्ष की नियमित सेवा के बाद देना होगा उच्चतम पे स्केल

Thu, 05 Dec 2024 05:00 AM IST
अंकेश डोगरा भारती मेहता, संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला

सार

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता दो क्लर्कों को दो वर्ष की नियमित सेवा पूरी करने के बाद उच्चतम पे स्केल देना होगा। क्या है पूरा मामला पढ़ें...
विज्ञापन
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग में तैनात दो क्लर्कों के पक्ष में उच्चतम पे स्केल देने का फैसला सुनाया। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता दो क्लर्कों को दो वर्ष की नियमित सेवा पूरी करने के बाद उच्चतम पे स्केल देना होगा। न्यायाधीश ज्योत्सना रिवॉल दुआ की अदालत ने चार हफ्तों के भीतर आदेशों की अनुपालना करने को कहा है।

विज्ञापन


अदालत ने पाया कि याचिकाकर्ता दो वर्ष की नियमित सेवा पूरी करने पर 6 सितंबर को अधिसूचित हिमाचल प्रदेश सिविल सेवा संशोधित वेतन प्रथम संशोधन नियम 2022 के नियम 7 ए के तहत उच्च वेतन के लाभ के हकदार हैं। संशोधित वेतन नियम 2022 के तहत इन कर्मचारियों को उच्चतम वेतन से वंचित नहीं किया जा सकता है। बता दें कि 3 जनवरी 2022 के संशोधित वेतनमान पर हाईकोर्ट ने सरकार से स्थिति स्पष्ट करने को कहा था। सरकार की ओर से अदालत में स्पष्ट किया गया कि यह संशोधित वेतनमान उन पर लागू होगा, जिनको 3 जनवरी 2022 से पहले दो साल नियमित सेवाएं करते हुए हो गए।

इन दोनों याचिकाकर्ताओं को शिक्षा विभाग में क्लर्क के पद पर 2018-2019 में अनुबंध पर नियुक्ति दी गई थी। विभाग ने इनकी सेवाओं को दो साल पूरा होने के बाद 19 जनवरी 2021 को नियमित किया। अदालत में इन्होंने सरकार से मांग की थी कि 3 जनवरी 2022 की अधिसूचना के तहत उच्चतम पे स्केल मिले, जिसे विभाग ने खारिज कर दिया था। सरकार ने कहा कि 3 जनवरी से पहले जो नियमित हुए हैं, उनको इसका लाभ मिलेगा। सरकार ने 18 दिसंबर 2021 को एक अधिसूचना जारी की। इसमें कहा गया कि 30 सितंबर 2021 तक अनुबंध पर कार्य करते हुए पूरे हो गए हैं, उन्हें नियमित किया जाएगा। 

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें