हमीरपुर। प्रारंभिक शिक्षा विभाग के तहत विभिन्न शिक्षा खंडों में सेवारत खंड शिक्षा स्रोत समन्वयक (बीईआरसी) की लंबे समय तक नियुक्तियों पर सवाल खड़े हो गए हैं। पूर्व में जब इनकी नियुक्तियां हुई थीं तो अधिकतम तीन वर्ष का सेवाकाल निर्धारित किया गया था। शुरू-शुरू में तीन साल के बाद बीआरसी बदलते रहे, लेकिन अब एक लंबा अरसा बीत चुका है।
प्रदेश मेें करीब 236 शिक्षा ब्लॉक हैं। प्रत्येक शिक्षा खंड में एक प्राइमरी और एक अपर विंग में खंड शिक्षा स्रोत समन्वयक नियुक्ति किए गए हैं। प्राइमरी विंग में जेबीटी शिक्षक को खंड शिक्षा स्रोत समन्वयक, जबकि अपर प्राइमरी में टीजीटी शिक्षक को खंड शिक्षा स्रोत समन्वयक के पद पर नियुक्ति किया जाता है।,
लेकिन वर्तमान में कई जेबीटी शिक्षक हैड टीचर और मुख्य केंद्रीय शिक्षक के पद पर पदोन्नत होने के बावजूद बीआरसी के पदों पर सेवाएं दे रहे हैं, जबकि प्रदेश के सैकड़ों स्कूलों में शिक्षकों की कमी चल रही है। कई स्कूलों में शिक्षकों की पर्याप्त संख्या न होने के चलते वहां पर शिक्षण कार्य और गैर शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
इसका सीधा असर विद्यार्थियों की संख्या पर पड़ रहा है। विद्यार्थियों की संख्या आए दिन स्कूलों में कम होती जा रही है, लेकिन प्रदेश का शिक्षा विभाग और सरकार इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रही, जबकि प्रदेश के लोनिवि, जलशक्ति, स्वास्थ्य और बिजली बोर्ड समेत कई विभागों में अधिकारियों की नियुक्तियां अधिकतम तीन वर्ष के लिए ही होती हैं।
यह होते हैं बीआरसी के कार्य
प्रारंभिक शिक्षा विभाग में नियुक्त होने वाले बीईआरसी के कंधों पर सर्व शिक्षा अभियान, समग्र शिक्षा अभियान, शिक्षक प्रशिक्षण और सरकार की ओर से संचालित अन्य योजनाओं को कार्यान्वित करने की जिम्मेदारी रहती है। हालांकि वर्तमान में यह सभी कार्य ऑनलाइन माध्यम से भी संचालित किए जा रहे हैं। ऐसे में अगर किसी केंद्रीय मुख्य शिक्षक को शिक्षण कार्य के साथ ही बीआरसी का कार्य भी दे दिया जाए तो सरकार को फायदा हो सकता है।
प्रारंभिक शिक्षा विभाग के अधीन चल रही योजनाओं को कार्यान्वित करने के लिए विभिन्न शिक्षा खंडों में खंड शिक्षा स्रोत समन्वयकों की नियुक्तियां होती हैं। नए खंड शिक्षा स्रोत समन्वयकों की नियुक्तियां प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार ही होती हैं।
-धर्मपाल सिंह, परियोजना अधिकारी एवं प्रधानाचार्य, डाईट गौना-करौर, हमीरपुर