एनआईटी हमीरपुर में दुकान तोड़ता हुआ मजदूर।(स्रोत: संवाद )
हमीरपुर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) हमीरपुर में आगामी दो दिन अवकाश होने की आड़ में संस्थान परिसर में एक सरकारी दुकान की दीवार को गुपचुप तरीके से तोड़ने का मामला सामने आया है। एनआईटी हमीरपुर में सालों पहले शॉपिंग कांप्लेक्स का निर्माण हुआ है ताकि संस्थान में बीटेक, एमटेक, एमबीए और पीएचड़ी समेत आर्किटेक्चर की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को रोजाना की जरूरत के सामान को खरीदने के लिए संस्थान परिसर से बाहर न जाना पड़े।
संस्थान प्रबंधन इन दुकानों को ओपन नीलामी के माध्यम से ऊंची बोली पर कारोबारियों को आवंटित करता है। प्रत्येक दुकान का अलग-अलग मासिक किराया निर्धारित है। शनिवार और रविवार को एनआईटी में कक्षाएं नहीं लगती हैं। यहां केवल पांच कार्य दिवस होते हैं। आगामी दो दिन अवकाश को ध्यान में रखते हुए शुक्रवार शाम को दो दुकानों के बीच की दीवार को बिना अनुमति तोड़ दिया गया। बीच की दीवार को गिराकर एक बड़ी दुकान बनाने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन संस्थान प्रबंधन को जैसे ही इस मामले की सूचना मिली तो उन्होंने काम रुकवा दिया है। काम रोकने के आदेश जारी होने से पूर्व ही यहां काम पर लगे मजदूर दुकान की दीवार को तोड़ चुके थे। पूर्व में दो दुकानों से किराया आता था, लेकिन अब दीवार तोड़ने के बाद एक ही दुकान बनने से संस्थान को राजस्व के रूप में नुकसान होगा। बिना मंजूरी कैसे दीवार को तोड़ दिया गया, यह चर्चा का विषय बना हुआ है। उधर, मामले की सूचना मिलते ही संस्थान प्रबंधन से इस मामले की जांच बैठा दी है। पूर्व में भी यहां चहेतों को लाभ पहुंचाने के प्रयास के आरोप लगते रहे हैं। उधर, एनआईटी हमीरपुर की रजिस्ट्रार डॉ. अर्चना नानोटी ने बताया कि वह वर्तमान में संस्थान से बाहर हैं लेकिन दुकान की दीवार को तोड़ने की सूचना मिली है। इस मामले की जांच होगी और दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।