बिझड़ी (हमीरपुर)। उत्तर भारत के प्रसिद्व सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की कवायद शुरू हो चुकी है। मंदिर न्यास ने मंदिर परिसर को पांच भागों में विभाजित किया है। इन भागों में 15 लाख रुपये की लागत से पांच अलग-अलग जगह एलईडी स्क्रीनें स्थापित की हैं। जिनमें बाबा की भेंटों, लीलाओं का वर्णन किया जाएगा। अब मंदिर परिसर में कहीं भी खड़े होकर श्रद्धालु बाबा की गुफा के दर्शन कर सकते हैं। मंदिर न्यास की ओर से मंदिर में ध्वनि प्रणाली को भी मजबूत किया गया है।
इससे मंदिर में होने वाली घोषणाओं, कर्मचारियों को आदेश, श्रद्धालुओं और किसी बच्चे के खो जाने पर अभिभावकों से सीधा संपर्क करने की सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। श्रद्धालुओं को बेहतर लंगर सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए लंगर भवन का निर्माण किया गया है। जिसमें एक साथ 5000 श्रद्धालु बैठकर प्रसाद ग्रहण कर सकते हैं। वहीं, आगामी समय में बाबा बालक नाथ मंदिर में रोपवे और दिव्यांगों के लिए एस्केलेटर स्थापित करने की भी योजना है।
इस बारे मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं एसडीएम बड़सर शशिपाल शर्मा ने कहा कि श्रद्धालुओं को सुविधा देने के लिए मंदिर ट्रस्ट प्रयासरत है। आगामी समय में भी मंदिर ट्रस्ट को पर्यटन के साथ-साथ विकसित करने के लिए योजनाओं पर काम चल रहा है। अभी हाल ही में इस साल का बाबा बालक नाथ मंदिर ट्रस्ट का नया कैलेंडर भी मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने लांच किया है।