बिझड़ी (हमीरपुर)। उपमंडल बड़सर की शुक्रखड्ड में हमीरपुर और बिलासपुर जिले की सीमा पर नए क्रशर के लिए नियमानुसार अनुमति देने के लिए अतिरिक्त उपायुक्त हमीरपुर जितेंद्र सांजटा की अध्यक्षता में बैठक हुई। मीटिंग में साथ लगती भूमि के मालिकों की सहमति या असहमति के लिए गांव नोहान तथा जांगली व आसपास के निवासियों की आपत्तियों और मांगों पर सुनवाई हुई।
बैठक में नोहान, जांगली, जमली, बड़ाग्रां, धवीरी गांवों के अलावा जिला बिलासपुर की करलोटी और आसपास के भूमि मालिकों तथा निवासियों ने हिमाचल प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के समक्ष अपनी आपत्तियां दर्ज करवाईं। युद्धवीर सिंह, राम लाल, विश्र दास, रोशन ठाकुर, सुनील कुमार, दिलीप राणा, कांता देवी, ज्ञानो देवी ने कहा कि इलाके के 90 फीसदी लोगों ने क्रशर लगाने के लिए जिला प्रशासन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और सरकार के समक्ष विरोध दर्ज करवाया। ग्रामीणों ने अपनी आपत्ति दर्ज करवाते हुए कहा कि शुक्रखड्ड का सीना पहले ही खनन से छलनी हो चुका है। लोग डर के साये में जी रहे हैं और सरकार चंद पैसों के लिए अंधाधुंंध क्रशर खोलने की अनुमति देने पर आमादा है।
लोगों ने विरोध दर्ज करवाते हुए तथ्य प्रस्तुत किए कि इस खड्ड में पहले ही निर्धारित मानकों की अनदेखी कर समताना से धबीरी तक आधा दर्जन क्रशर संचालित हैं और अब दो और नए क्रशर खुलवाने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है, जो सरकार का मनमाना फैसला है। लोगों को घर से बेघर होने को मजबूर किया जा रहा है।
लोगों ने इस खड्ड के किनारे पहले से संचालित क्रशर मालिकों की मनमानी और नियमों का सरेआम उल्लंघन करने के बारे में भी एडीसी हमीरपुर और खनन अधिकारी को अवगत करवाया कि किस तरह क्रशर मालिकों की मनमानी के चलते लोग परेशान हो रहे हैं। क्रशर खुलने से जांगली के साथ खेल स्टेडियम को भी खतरा बन सकता है। इस दौरान एडीसी जितेंद्र सांजटा ने कहा कि क्रशर लगने से यहां किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं होगा।