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गांव का विकास कृषि, पशुपालन और सहकारिता से संभव : धूमल

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अखिल भारतीय सहकारिता सप्ताह के जिला स्तरीय सहकारिता दिवस समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुम
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भोटा(हमीरपुर)। गांव का विकास कृषि, पशुपालन और सहकारिता के माध्यम से संभव है। यह बात शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने भोरंज विधानसभा क्षेत्र के टाउन भराड़ी कस्बे में जिला सहकारिता विकास संघ द्वारा आयोजित 70वें अखिल भारतीय सहकारिता सप्ताह के जिला स्तरीय सहकारिता दिवस समारोह में बतौर मुख्यातिथि कही। सहकारिता से जुड़े लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कोई समय था, जब देश में किसानों को कृषि करने के लिए जाने वाले कर्ज की एवज में बहुत शोषण और उत्पीड़न सहना पड़ता था। किसानों को इस शोषण से बचाने के लिए देश में सहकार आंदोलन की शुरुआत हुई और वर्ष 1904 में हिंदुस्तान में सहकार एक्ट बना।
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इसके बाद सरकार आंदोलन आगे बढ़ा और शानदार काम करते हुए किसानों व कृषि के समृद्धशाली स्वरूप का आधार बना। किसानों का शोषण होना तो कम हो गया लेकिन बाद में सहकारिता से जुड़े कर्मचारियों का शोषण होना शुरू हो गया, उनको समय से और पूरी तनख्वाह नहीं मिलती थी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने इनका शोषण बंद किया। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव के विकास में सहकारिता की बहुत बड़ी भूमिका होती है। सहकारिता के क्षेत्र में दुग्ध उत्पादन, मछली उत्पादन और एलपीजी वितरण केंद्र इत्यादि अब मिल सकते हैं। सहकारिता से जुड़े कर्मचारियों को प्रोत्साहित करते हुए धूमल ने कहा कि जो सोसाइटियां पिछड़ रही हैं, वह ऐसी गतिविधियां शुरू करके काफी लाभ कमा सकती हैं। इस अवसर पर जिला सहकार विकास संघ के अध्यक्ष यशवीर पटियाल, पूर्व विधायक कमलेश कुमारी, भाजपा जिला अध्यक्ष देशराज शर्मा और सहकारिता से जुड़े सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
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