हमीरपुर। जिलेभर के 745 सरकारी स्कूलों में विद्यांजलि योजना सुचारू रूप से चलेगी। स्कूलों में योजना के तहत स्वयंसेवक अपनी सेवाएं दे सकेंगे। इससे पूर्व विद्यांजलि योजना को जिलाभर के कुछेक स्कूलों में पायलट के रूप में चलाया गया था। अब ट्रायल सफल होने के बाद सभी स्कूलों को इसमें शामिल किया जा रहा है।
योजना के तहत स्कूलों में शिक्षकों को किसी भी प्रकार का सामान खरीदने के लिए फंड पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। विद्यांजलि योजना के तहत स्कूलों में विकास कार्य करवाने के लिए समाजसेवियों को पहले स्कूलों में पंजीकरण करवाना होगा। पंजीकरण के उपरांत स्वयंसेवी स्कूलोंं में फर्नीचर, भवन निर्माण कार्य, इलेक्ट्रिक, डिजिटल सह शैक्षणिक गतिविधि के उपकरण, खेलकूद, योग, स्वास्थ्य और सुरक्षा सामग्री, शिक्षण अधिगम सामग्री उपलब्ध करवाने के साथ-साथ विद्यार्थियों को पढ़ाने व अन्य कार्य में भाग ले सकते हैं। इसके अलावा विद्यार्थियों को हिमाचल की संस्कृति समेत अन्य पारंपरिक गतिविधियों की जानकारी देने के लिए भी स्थानीय बुद्धिजीवियों को भी शामिल किया जाएगा।
इस बारे में सामुदायिक सहभागिता के जिला प्रभारी सुनील कुमार ने कहा कि विद्यांजलि योजना के तहत अध्यापकों के साथ क्षेत्र के समाजसेवियों को भी स्कूलों से जोड़ा जा रहा है ताकि स्कूलों में विकास कार्यों को गति मिल सके। उन्होंने कहा कि यह स्वयंसेवी विद्यालय के लिए आवश्यक सामग्री के साथ शिक्षा ज्ञान भी देंगे। वहीं, स्वयंसेवियों की ओर से स्कूलों में किए गए कार्यों को ऑनलाइन पोर्टल पर दर्शाया जाएगा।