हमीरपुर। न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी हमीरपुर अनुलेखा तनवर की अदालत ने मारपीट का आरोप सिद्ध होने पर दो दोषियों को दो साल का कठोर कारावास और तीन हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। 27 जुलाई 2017 को पुलिस थाना हमीरपुर के तहत रास्ता रोकने, मारपीट करने और छेड़छाड़ के आरोप में राजीव कुमार निवासी गांव व डाकघर कोट, तहसील टौणीदेवी जिला हमीरपुर और जगमोहन सिंह निवासी गांव निचला ढावा, डाकघर कराड़ा तहसील व जिला हमीरपुर के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। राजीव कुमार वर्तमान में बीडीसी सदस्य भी हैं। सजा का ऐलान होने के बाद अब उनकी बीडीसी सदस्यता अयोग्य घोषित हो सकती है। इन दोनों आरोपियों ने संतोष कुमार और विचित्र सिंह के साथ गाली गलौज और मारपीट की थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया था। साथ ही पीड़ित लोगों का अस्पताल में मेडिकल करवाया गया। इसमें गंभीर घाव की पुष्टि हुई। मामले की गहन छानबीन के बाद पुलिस ने अदालत में चालान पेश किया। जहां पर अभियोजन और बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं के बीच बहस हुई। भारतीय दंड संहिता की धारा 325 के तहत दो साल का कठोर कारावास और 1500 रुपये जुर्माना, भादंसं की धारा 341 के तहत एक साल का कठोर कारावास और 500 रुपये जुर्माना, जबकि भादंसं की धारा 323 के तहत छह माह का कठोर कारावास और 1000 रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। उपरोक्त तीनों सजाएं एक साथ चलेंगी। मामले की पैरवी सहायक जिला न्यायवादी गीतांजलि भारद्वाज ने की है। इस मामले में कुल 16 गवाह अदालत में पेश हुए।
न्यायालय से सजा होने पर होते हैं अयोग्य घोषित: शशि
जिला पंचायत अधिकारी हमीरपुर शशि बाला ने कहा कि पंचायत के किसी भी निर्वाचित सदस्य को अगर न्यायालय से सजा हो तो उसकी सदस्यता अयोग्य घोषित करने का प्रावधान है। संबंधित पद के लिए उपचुनाव की व्यवस्था रहती है। बीडीसी सदस्य को सजा के बारे में अभी तक पंचायत कार्यालय में न्यायालय के फैसले के आदेश प्राप्त नहीं हुए हैं। न्यायालय के फैसले की प्रति मिलने के बाद नियमानुसार आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।