हमीरपुर। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हमीरपुर सिद्धार्थ सरपाल की अदालत ने धोखाधड़ी से ऋण लेने के आरोपी को विभिन्न धाराओं के तहत दोषी करार देते हुए दो-दो साल के कारावास और छह हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। दोषी व्यक्ति पवन कुमार पुत्र प्रेम चंद निवासी धमरोल तहसील भोरंज को यह सजा सुनाई गई है।
व्यक्ति को आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471, 120बी के तहत अपराध के लिए दोषी ठहराया गया है। व्यक्ति के विरुद्ध केसीसी बैंक प्रबंधन की तरफ से भोरंज थाने में 18 फरवरी 2009 को लिखित शिकायत दर्ज करवाई थी। आरोपी व्यक्ति ने बैंक से ऋण लिया था। व्यक्ति पर गारंटरों के साथ मिलकर फर्जी डीडीओ प्रमाण पत्र और गलत पता जमा करके बैंक को धोखा देने के पुलिस शिकायत में आरोप लगे थे। जांच पूरी होने के बाद पुलिस की तरफ से कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई। आरोप साबित करने के लिए अभियोजन पक्ष की ओर से 12 गवाहों के बयान लिए गए। साक्ष्य और अभियोजन व बचाव पक्ष को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी व्यक्ति को दोषी ठहराया। आईपीसी की धारा 420 के तहत दो वर्ष का साधारण कारावास एवं दो हजार रुपये का जुर्माना, 468 आईपीसी के तहत दो वर्ष का साधारण कारावास एवं दो हजार रुपये का जुर्माना, आईपीसी की धारा 471 के तहत दो वर्ष का साधारण कारावास व दो हजार रुपये जुर्माना लगाया है। यह सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। अतिरिक्त लोक अभियोजक हमीरपुर पंकज धीमान की तरफ से मामले की पैरवी अदालत में की गई है।