कई माह से मशीनें पड़ी हैं खराब, न ही इनकी मरम्मत करवाई जा रही
सिफारिश पर अंदर जा रहे मरीज, कतार में लगे मरीज हो रहे परेशान
पर्चियों पर डाले जाते हैं नंबर, आगे टोकन स्क्रीन पड़ी हैं बंद
अस्पताल के मेडिसिन, ऑर्थो और गायनी ओपीडी में होती है सबसे ज्यादा जरूरत
सिफारिश पर अंदर जाने पर उलझ रहे मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में टोकन स्क्रीन मरीजों की मदद नहीं कर पा रही हैं। कई माह से यह मशीनें खराब पड़ी है। न ही इनकी मरम्मत करवाई जा रही है और न ही इनकी जगह नई टोकन स्क्रीन लगाई जा रही हैं। अस्पताल के मेडिसिन, ऑर्थो, गायनी और नेत्र रोग वार्ड में सबसे अधिक भीड़ होती है। इन सभी ओपीडी के कमरों के बाहर लगी टोकन स्क्रीन खराब पड़ी हैं। मरीज की पर्ची बनती है तब उसपर उसकी बारी का नंबर डाला जाता है ताकि सभी मरीज अपनी बारी पर अंदर जा सकें। इसके बाद सुरक्षा कर्मचारी या अन्य कर्मचारी की ओर से पर्ची पर दोबारा नंबर डाला जाता है। मरीज घंटों तक अपनी बारी का इंतजार करने के लिए कतार में लगे रहते हैं। वहीं, कई लोग सिफारिश लगाकर भी जल्द अपना काम करवाकर निकल जाते हैं। ऐसे में कतारों में लगे मरीज भी उलझ रहे हैं। मरीजों कौशल्या, प्रदीप, विनय, तनु, मीनाक्षी, बीना देवी आदि ने कहा कि यहां पर टोकन स्क्रीन ही खराब हैं। जो मरीज सुबह आए होते हैं वह कतार में लगे रह जाते हैं और जान पहचान वाले आगे चले जाते हैं। उन्होंने कहा कि एक आधा मरीज हो तो भी कुछ नहीं होता लेकिन दस-दस मरीज जाते हैं, जिससे उन्हें और देर तक कतार में लगना पड़ता है। इस बारे में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रमेश भारती ने कहा कि मरीजों की कतारें लगती हैं और बारी पर ही सबको भेजा जाता है।