हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के मेडिकल काउंटर पर अब डाटा एंट्री ऑपरेटर की जगह वार्ड बॉय कार्य कर रहे हैं। इससे वार्ड बॉय का अपना काम प्रभावित हो रहा है। अस्पताल के विभिन्न वार्डों में बिस्तर, व्हील चेयर, स्ट्रेचर, ऑक्सीजन की व्यवस्था के अलावा मेडिकल स्टाफ का सहयोग करना वार्ड बॉय का काम होता है लेकिन वर्तमान में यहां इनके मूल काम के बजाय कुछ अन्य ही काम लिया जा रहा है। सरकारी जॉब के लिए मेडिकल बनाने का कार्य, दिव्यांगता का कार्ड, एमएलसी का कार्य, पुलिस से संबंधित अन्य कार्य इसी मेडिकल काउंटर पर किए जाते हैं।
यह कार्य पूर्व में डाटा एंटी ऑपरेटर के माध्यम से किया जाता है लेकिन कोरोना काल में नियुक्त किए डाटा एंटी ऑपरेटरों व अन्य कर्मचारियों को सरकार ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है। ऐसे में अब यहां डाटा एंट्री ऑपरेटर की जगह वार्ड बॉय नियुक्त किए गए हैं। वहीं, अन्य वार्डों में भी कोरोना काल में नियुक्त किया स्टाफ अपनी सुविधाएं दे रहा था। अब इन्हें अस्पताल से निकाल दिया है। ऐसे में अन्य स्टाफ सदस्यों पर कार्यभार बढ़ गया है। कार्य करने में भी देरी हो रही है। इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। मरीजों सुलोचना, सुभद्रा, प्यारेलाल, चमन, अंकुश, पंकज, दिव्या आदि ने कहा कि अस्पताल में एक कार्य को करवाने के लिए घंटों तक कतार में लगना पड़ता है। क्योंकि एक-एक कर्मी होने के कारण अधिक समय लगता है। उन्होंने सरकार से रिक्त पदों पर नियुक्तियां करने की मांग की है।
इस बारे में मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल वर्मा ने कहा कि स्पोर्टिंग स्टॉफ नियुक्त किया गया है। डाटा एंट्री ऑपरेटर की कमी होने के कारण नियुक्त किया गया है। जिस लड़के को वहां नियुक्त किया गया है वह बीकॉम है और कार्य करने में सक्षम है।