बिझड़ी (हमीरपुर)। हिमाचल प्रदेश में मालवाहन वाहनों में श्रद्धालुओं को लाने का सिलसिला सालों से जारी है। शासन और प्रशासन आज तक इसे रोकने के लिए पुख्ता कदम नहीं उठा पाए हैं। बाबा बालक नाथ मंदिर में आजकल चैत्र मेले के चलते काफी संख्या में श्रद्धालु बाबा के दर्शन करने पहुंच रहे हैं लेकिन श्रद्धालु जान जोखिम में डालकर मालवाहक वाहनों ट्रकों, टेंपो में बैठकर मंदिर तक पहुंच रहे हैं। सरकार की ओर से उचित कार्रवाई नहीं की जा रही है। हालात ये हैं कि सड़क दुर्घटनाएं घटित होने के बाद भी श्रद्धालु मालवाहक वाहनों में बैठकर ही यात्रा कर रहे हैं। स्थानीय लोगों राकेश, अनीष, राजकुमार, पवन कुमार, सोमा देवी आदि ने कहा कि यातायात नियमों का पालन न करने पर कई बार ये श्रद्धालु दुर्घटनाओं का शिकार हो जाते हैं। फिर योजना के अनुसार दुर्घटना में मारे गए लोगों के परिजनों को प्रदेश सरकार की ओर से रिलीफ के तौर पर धनराशि मुहैया करवानी पड़ती है। इससे सरकार की आर्थिक स्थिति काफी नाजुक हो रही है। वहीं, पीड़ित परिजनों पर भी दुखों का पहाड़ टूटता है। इसके बावजूद न तो श्रद्धालु सबक ले रहे हैं और न ही यातायात पुलिस इस तरफ ध्यान दे रही है। सरकार यातायात नियमों को संशोधित करके नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ कड़े नियम बनाए और धरातल पर उन्हें सख्ती से लागू भी करे ताकि ट्रैफिक नियमों की अवहेलना करने वाले वाहन चालकों को रोका जा सके। इस बारे में एसडीपीओ बड़सर सचिन हीरेमठ नेे कहा कि पुलिस की ओर से ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। यहां तक कि यातायात नियम के तहत इनके चालान भी किए जा रहे हैं।