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दूसरे दिन भी धर्मशाला नहीं पहुंच पाई शिमला डिपो की सरकारी बस

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शिमला-धर्मशाला रूट पर चलने वाली निगम की बस हमीरपुर के भूंपल में हुई खराब। - फोटो : Hamirpur-HP
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हमीरपुर। हिमाचल पथ परिवहन निगम तारादेवी (शिमला) बस डिपो की नॉन स्टॉप सुपर फास्ट बस सोमवार को दूसरे दिन भी धर्मशाला बस स्टैंड पर नहीं पहुंच पाई। शिमला से धर्मशाला रूट पर रवाना इस रूट की खटारा बस रात 7.45 बजे हमीरपुर से 18 किलोमीटर दूर गांव भूंपल में खराब हो गई। इस बस के अगले टायर का बेरिंग टूट गया, लेकिन बस चालक की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया। लेकिन, बस में सवार खासकर महिलाओं और बच्चों को ठंड के मौसम में बीच सड़क पर खड़े होकर दूसरी बस का इंतजार करना पड़ा। करीब एक घंटे के बाद रात 9:00 बजे नगरोटा डिपो की बस शिमला से भूंपल पहुंची, जोकि रात 10.30 बजे कांगड़ा से नगरोटा बगवां के लिए मुड़ गई।
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धर्मशाला जाने वाले यात्रियों विजय शर्मा, प्रदीप सोनी, विवेक कुमार, पुष्पा देवी, अनीता, प्रियंका ने बताया कि कांगड़ा में टैक्सी चालकों को मुंह मांगा किराया देकर उन्हें धर्मशाला पहुंचना पड़ा। एक दिन पहले रविवार को भी रात 7.30 बजे इस रूट पर चलने वाली निगम की एक अन्य बस का डीजल पाइप फटने से हमीरपुर में खड़ी हो गई थी। वहीं, बीते सप्ताह बिलासपुर में फ्रेशर पाइप फटने से शिमला-धर्मशाला रूट की बस खराब हुई। पिछले 30 दिन में इस रूट पर चलने वाली बस 10 से अधिक बार ब्रेकडाउन होने के कारण बीच सड़क पर खड़ी हो चुकी है। शिमला से यह बस दोपहर 2.30 बजे रवाना होती है और हमीरपुर बस स्टैंड से रात 7:10 बजे आगे के लिए रवाना होती है और धर्मशाला बस स्टैंड पर रात करीब 10.00 बजे पहुंचती है।
अगले दिन सुबह छह बजे यही नॉन स्टॉप बस हमीरपुर-बिलासपुर होते हुए शिमला के लिए रवाना होती है। लेकिन, सप्ताह में तीन से चार बार इस रूट पर चलने वाली खटारा बसें जगह-जगह खराब हो रही हैं। इससे यात्रियों को खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है। वहीं, खटारा बसें किसी बड़े हादसे का शिकार भी हो सकती हैं। प्रदेश में आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं, लेकिन निगम प्रबंधन इन हादसों से कोई सबक नहीं ले रहा।
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उधर, एचआरटीसी तारादेवी बस डिपो की क्षेत्रीय प्रबंधक बनीता ने बताया कि लगातार दो दिन बस खराब होने की सूचना मिली है, इसके लिए खेद है। उन्होंने कहा कि प्रयास रहता है कि यात्रियों को सफर के दौरान परेशानी का सामना न करना पड़े।
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