आपातकालीन स्थिति में सहायता मिलने पर हो सकता है विलंब
बिजली बाधित होने पर अग्निशमन केंद्र के आपातकालीन नंबर भी होते हैं बंद
अग्निशमन केंद्र हमीरपुर को पुलिस कंट्रोल रूम से साधना पड़ता है संपर्क
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। अग्निशमन केंद्र की लापरवाही लोगों की सुरक्षा पर भारी पड़ सकती है। आपात स्थिति में अग्निशमन केंद्र पर निर्भर रहने वाले लोगों को आग से अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अन्य विकल्प तलाशने होंगे। आपातस्थिति में लोगों को सहायता मिलने में देरी भी हो सकती है। इसका कारण है अग्निशमन केंद्र में फाइबर के साथ जोड़े गए लैंडलाइन कनेक्शन। इनमें बैटरी ही नहीं है। केंद्र के लैंडलाइन नंबर अब फाइबर पर हो गए हैं। फाइबर बिजली के साथ जुड़े हैं। यहां पर बैटरी की सुविधा नहीं हैं, जिस कारण बिजली की आपूर्ति बाधित होने पर लैंडलाइन नंबर भी बंद हो जाते हैं। अग्निशमन केंद्र के लैंडलाइन नंबरों से कोई संपर्क नहीं हो पाता है। इस स्थिति पर अग्निशमन केंद्र के कर्मी पुलिस कंट्रोल रूप पर निर्भर हो जाते हैं। पुलिस कंट्रोल रूम से आपात स्थिति की सूचना मिलने पर ही फायर कर्मी मौके पर रवाना होंगे। केंद्र में फोन सुनने वाले कर्मी का मोबाइल नंबर पुलिस कंट्रोल रूम से साझा किया जाता है। वहीं, नियमित अंतराल में अग्निशमन केंद्र के कर्मी भी स्वयं पुलिस कंट्रोल रूम से संपर्क कर जानकारी प्राप्त करते रहते हैं। अग्निशमन केंद्र हर आपात स्थिति से निपटने के लिए सक्षम होता है। जंगलों में आग से लेकर रेस्क्यू में भी फायर कर्मी अपनी अहम भूमिका निभाते हैं लेकिन आपात स्थिति की समय पर सूचना नहीं मिलना किसी व्यक्ति की जिंदगी पर भारी पड़ सकती है। अग्निशमन केंद्र हमीरपुर के लीडिंग फायरमैन प्रवीण ने कहा कि लैंडलाइन कनेक्शन अभी फाइबर से जुड़ गए हैं। यहां पर बैटरी की सुविधा सेवा प्रदात्ता की ओर से नहीं दी गई है। जब अग्निशमन केंद्र में बिजली बाधित होगी तो लैंडलाइन नंबर से संपर्क नहीं होगा। उन्होंने बताया कि इस स्थिति से निपटने के लिए नियमित तौर पर पुलिस कंट्रोल रूम से संपर्क बनाए रखते हैं। अग्निशमन केंद्र में फोन अटेंड करने वाले एक व्यक्ति का मोबाइल नंबर भी पुलिस कंट्रोल रूम से साझा किया जाता है। यदि कोई आपातकालीन स्थिति हो तो पुलिस विभाग से जानकारी मिल जाती है। केंद्र के कर्मी हर आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए तत्परता से कार्य करते हैं।