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फेफड़े रोग और ऑर्थो ओपीडी के दरवाजे एक साथ सटे, मरीजों को मुश्किल

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मेडिकल कॉलेज की ऑर्थो व फेफड़े रोग ओपीडी के बाहर लगी मरीजों की भीड़। - फोटो : Hamirpur-HP
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हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर की ऑर्थो ओपीडी के बाहर जगह कम होने और यहां दो विभागों की ओपीडी होने से मरीजों को भीड़ में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऑर्थो ओपीडी और फेफड़े रोग ओपीडी के दरवाजे एक दूसरे के साथ सटे हुए हैं। ऑर्थो ओपीडी में रोजाना 200 से 250 मरीज जांच के लिए आते हैं और यहां दरवाजे के बाहर लोगों की इतनी भीड़ होती है कि फेफड़े रोग ओपीडी को जाने वाले मरीजों के लिए रास्ता ही नहीं बचता है। इस दौरान फेफड़े रोग ओपीडी में जाने वाले अधिकतर सांस रोगियों को भीड़ के बीच में से निकल पाना मुश्किल हो जाता है।
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भीड़ में खड़े मरीज अपना नंबर पहले आने के चक्कर में अन्य रोगियों को आगे जाने ही नहीं देते हैं। भले ही वह फेफड़े रोग ओपीडी का रोगी हो। अस्पताल में सप्ताह के पहले तीन दिनों में तो यह समस्या अधिक रहती है। सोमवार से बुधवार तक दोनों ओपीडी में मरीजों की अधिक भीड़ होती है। फेफड़े रोग ओपीडी में टीबी और अन्य सांस के रोगों से पीड़ित लोग उपचार के लिए आते हैं, लेकिन ऑर्थो ओपीडी के बाहर लगी भीड़ में कई बार उन्हें धक्कामुक्की भी सहनी पड़ती है।
मरीजों एवं तीमारदारों राजीव कुमार, आर्यन, रिखी राम, दुर्गादास का कहना है कि फेफड़े रोग ओपीडी भीड़भाड़ वाले स्थान के अलावा अन्य खुले कमरे में होनी चाहिए। सांस रोगियों को भीड़ में और ज्यादा परेशानी होती है। एक तरफ ऑर्थों ओपीडी और दूसरी तरफ ईसीजी कमरा होने से यहां दिक्कत पेश आती हैं। एमएस डॉ. रमेश चौहान का कहना है कि जगह की कमी के कारण समस्या है। जोलसप्पड़ में परिसर तैयार होने के बाद समस्या नहीं रहेगी। ओपीडी के बाहर सुरक्षा कर्मचारी तैनात होते हैं।
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