नौ माह पहले ब्यास नदी में बाढ़ से बह गया था श्मशानघाट
संवाद न्यूज एजेंसी
नादौन/कांगू (हमीरपुर)। नगर पंचायत नादौन के वार्ड नंबर दो में ब्यास नदी किनारे बने श्मशानघाट का मरम्मत कार्य नहीं हो पाया है। नौ माह पूर्व ब्यास में भयंकर बाढ़ के कारण श्मशानघाट पानी के साथ बह गया। हालात ऐसे हैं कि नदी किनारे लोगों को अंतिम संस्कार करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों सुरेश कुमार, प्रदीप, निक्कू, काकू, राजकुमार, सुमन देवी, रामदेर्ई आदि ने कहा कि श्मशानघाट नगर पंचायत नादौन के अधीन आता है। नदी में भयंकर बाढ़ के कारण श्मशानघाट के डंगे और परिसर को काफी नुकसान हुआ था। बारिश के कारण श्मशानघाट के एक डंगे का बहुत बड़ा भाग ब्यास नदी के तेज बहाव में समा गया था लेकिन अभी तक प्रशासन ने इस स्थल की सुध नहीं ली है। श्मशानघाट का मरम्मत कार्य नगर पंचायत ने लोक निर्माण विभाग को सौंपा हुआ है लेकिन अभी तक उपरोक्त स्थल का मरम्मत कार्य नहीं करवाया गया है। इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नादौन शहर के लोग किसी भी व्यक्ति की मृत्यु होने पर इसी श्मशानघाट में उसका दाह संस्कार करते हैं और इस जगह को एक पवित्र स्थल भी माना जाता है। श्मशानघाट पर उचित स्थान न होने पर लोगों को दाह संस्कार के बाद पूजा-अर्चना करने में भी कठिनाई पेश आती है। इसके साथ निकलने वाला रास्ता भी क्षतिग्रस्त है। उन्होंने प्रशासन से समस्या का समाधान करने की मांग की है। इस बारे में लोक निर्माण विभाग के एसडीओ पंकज कौशल ने कहा कि ब्यास नदी किनारे पर बीते दिनों बाढ़ आने की स्थिति में डंगे का काफी नुकसान हुआ था। विभाग ने आपदा प्रबंधन राज्य विभाग को डंगे की क्षतिग्रस्त स्थिति के बारे में प्रस्ताव भेज दिया है और जल्द ही अप्रूवल आने पर डंगे का मरम्मत कार्य शुरू कर दिया जाएगा।