सुजानपुर की टिप्पर डबेड़ा गांव में महिला का शव चारपाई पर उठाकर घर की तरफ ले जाते ग्रामीण।
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हमीरपुर। विधानसभा क्षेत्र सुजानपुर की ग्राम पंचायत री का गांव टिक्कर आजादी के 75 वर्ष बाद भी सड़क सुविधा से नहीं जुड़ पाया है। प्रदेशभर में आजादी और हिमाचल स्थापना दिवस पर अमृत महोत्सव मनाए जा रहे हैं, लेकिन गांव टिक्कर में लोग सड़क सुविधा के अभाव में दर्द से कराह रहे हैं। ऐसा ही एक मामला मंगलवार को सामने आया। ग्राम पंचायत री के वार्ड नंबर दो की रहने वाली राजो देवी को सड़क सुविधा के अभाव में समय पर चिकित्सीय उपचार नहीं मिल पाया। कई बार परिजन उसे चारपाई पर उठाकर पहले सड़क तक तो उसके बाद वाहन से अस्पताल तक पहुंचाते रहे।
मंगलवार को महिला ने टांडा में दम तोड़ दिया। जब, महिला का शव टांडा से हमीरपुर स्थित उसके गांव तक पहुंचाने की बात आई तो फिर से समस्या खड़ी हो गई। भलाणा से चारपाई पर शव को उठाकर करीब तीन किलोमीटर पैदल चलकर गांव टिक्कर तक पहुंचाया गया। परिजनों रविंद्र कुमार और प्रदीप कुमार ने कहा कि उनके गांव के लिए सड़क सुविधा नहीं है। इससे मरीजों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने में दिक्कतें झेलनी पड़ती हैं। अस्पताल से शव को घर पहुंचाने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इधर, पंचायत के पूर्व प्रधान विनय कुमार ने बताया कि पहले चलोखर पंचायत से गांव टिक्कर के लिए सड़क का कार्य शुरू हुआ था। लेकिन, बीच में एक व्यक्ति ने सड़क का काम रोक दिया। इसके बाद भलाणा से टिक्कर गांव के लिए सड़क का निर्माण शुरू किया गया। अभी तक कच्ची सड़क निकाली गई है। लेकिन, बरसात के कारण काम रुका पड़ा है। शीघ्र ही इस कार्य को पूरा करवाया जाएगा।
उधर, लोक निर्माण विभाग सुजानपुर के अधिशासी अभियंता विरेंद्र गुलेरिया ने कहा कि सड़क निर्माण में निजी भूमि मालिक सहयोग नहीं कर रहे। कनिष्ठ अभियंता को कानूनी नोटिस तक भेजे जा रहे हैं। जब तक ग्रामीण सड़क के लिए जमीन मुहैया नहीं करवाएंगे, सड़क का कार्य पूरा करना मुश्किल है।