बीते मंगलवार को फास्ट फूड कॉर्नर से चिट्टे और चरस बरामदगी के मामले में खुलासा
मूल रूप से यूपी निवासी है आरोपी, सदर पुलिस थाना हमीरपुर में पंजीकृत नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। शहर के बीचोबीच फास्ट फूड कॉर्नर से चिट्टा और चरस बरामदगी के मामले में नया खुलासा हुआ है। मामले में संलिप्त एक आरोपी जलशक्ति विभाग में सेवाएं दे रहा था। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि यह युवक आउटसोर्स पर कार्य कर रहा है या फिर ठेकेदार के माध्यम से सेवाएं दे रहा था। जांच में यह भी सामने आया है कि मूल रूप से यूपी निवासी इस युवक का हमीरपुर पुलिस थाना में पंजीकरण नहीं था। आखिर विभाग में ठेकेदार के माध्यम से यह बिना पंजीकरण कैसे सेवाएं दे रहा था, यह भी जांच का विषय है। मामले में पुलिस ने अब इस पहलू पर भी जांच शुरू कर दी है। पुलिस जांच में पता चला है कि फास्ट फूड कॉर्नर चलाने वाला दूसरा आरोपी भी मूल रूप से यूपी का रहने वाला है लेकिन उसका आधार कार्ड हिमाचल में ही बना है। दोनों आरोपी हमीरपुर शहर के वार्ड नंबर तीन और चार में किराये के घरों में रहते हैं। मंगलवार रात को हमीरपुर शहर के बीचोबीच एक कांप्लेक्स में संचालित फास्ट फूड कार्नर से सदर थाना हमीरपुर पुलिस की टीम ने चिट्टा व चरस बरामद किया था। एक आरोपी इस दुकान का संचालक था। पुलिस ने इस मामले में तथ्यों को खंगाला तो यह खुलासा हुआ कि एक प्रवासी का पंजीकरण ही थाना में नहीं है। हालांकि जलशक्ति विभाग की ओर से स्पष्ट नहीं किया गया है कि आरोपी किस पद पर कार्यरत था। एसपी हमीरपुर भगत सिंह ठाकुर ने कहा कि एक आरोपी मूल रूप से यूपी का रहने वाला है और वह सदर थाना हमीरपुर में पंजीकृत नहीं था। यह आरोपी जलशक्ति विभाग में कार्य करता है, यह भी जांच में सामने आया है। आरोपी ठेकेदार अथवा आउटसोर्स किस आधार पर सेवाएं दे रहा था, इस बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।