फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hamirpur (Himachal) News: शिव महापुराण कथा में सुनाया गोपेश्वर महादेव का वृत्तांत

विज्ञापन
विज्ञापन
डिडवीं टिक्कर (हमीरपुर)। डिडवीं टिक्कर में चल रही शिव महापुराण कथा में रविवार को पंडित पीयूष महाराज ने वृंदावन में गोपेश्वर महादेव की कथा सुनाई। पंडित पीयूष महाराज ने कहा कि जब भगवान श्रीकृष्ण वृंदावन कुंज में रास रचाते थे तो वहां गोपियां होती थीं। श्री कृष्ण के अलावा वहां कोई भी पुरुष नहीं जा सकता था। एक बार जब पार्वती जी वहां जाने लगीं तो भगवान भोले बाबा भी पार्वती के साथ वृंदावन को चलने के लिए तैयार हो गए। पार्वती कहने लगी कि आप वहां नहीं जा सकते क्योंकि वहां श्रीकृष्ण के सिवाय कोई पुरुष नहीं जाता है परंतु भोले नाथ नहीं माने, उन्होंने कहा कि मैं औरतों के वस्त्र पहन लेता हूं तथा बड़ा सा घूंघट निकाल लूंगा, अगर श्रीकृष्ण पूछेंगे तो उनको बता देना कि यह मेरी सहेली है। इस प्रकार भोले बाबा साड़ी पहनकर और बिंदी लगाकर वृंदावन धाम रास में चल पड़े। जब श्रीकृष्ण ने देखा तो वह समझ गए यह गोपी नहीं है। यह मेरे बाबा हैं। श्रीकृष्ण ने बंसी की ऐसी तान बजाई कि बाबा को सुधबुध भूल गई, साड़ी तन से सरक गई और बनवारी मुस्काने लग पड़े। श्रीकृष्ण बोले- भोले बाबा आप ऐसे ही यहां आ जाते, यह वृंदावन आपका ही है। वेश बदलने की क्या आवश्यकता थी। तब श्रीकृष्ण ने वहां वृंदावन में शिव की स्थापना की। शिव गोपी बने थे। इसलिए वहां उनका नाम गोपेश्वर महादेव पड़ा। भक्त लोग गोपेश्वर महादेव के दर्शन करके अपने आप को धन्य समझते हैं और गोपेश्वर महादेव भी भक्तों की मनोकामनाओं को पूर्ण करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें