हमीरपुर। प्रदेश का अनुसूचित जाति एवं जनजाति विकास निगम लक्ष्य हासिल न होने से बंद होने के कगार पर पहुंच गया है। अनुसूचित जाति एवं जनजाति से संबंधित लोग इस निगम की ओर कम ही रुख कर रहे हैं। प्रदेश सरकार ने जहां सामाजिक कल्याण विभाग में बीपीएल से संबंधित लोगों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए अधिकतम आय 50,000 रुपये सालाना कर दी है। वहीं, एससी एवं एसटी विकास निगम अब भी इस वर्ग के बीपीएल परिवारों को 35,000 रुपये अधिकतम सालाना आय होने पर ही ऋण प्रदान करने के पुराने नियमों पर चल रहा है।
इस वर्ग के लोगों मस्तराम, कमल, सुशील, प्रकाश, अशोक, ब्रह्मदास, कुलदीप कुमार व अजय कुमार का कहना है कि प्रदेश सरकार इस वर्ग के लोगों के साथ दोहरे मापदंड अपना रही है। उनका कहना है कि एससी-एसटी से संबंधित बीपीएल परिवारों को भी ऋण लेने का लाभ निगम से नहीं मिल पा रहा है। एससी-एसटी विकास निगम 50,000 रुपये तक का लोन भी इस वर्ग के लोगों को छह फीसदी के हिसाब से प्रदान कर रहा है। हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति एवं जनजाति विकास निगम प्रबंधन ने इस बारे में कई बार सरकार को प्रस्ताव भेजे हैं, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई अभी तक नहीं हो पाई है। यह प्रस्ताव पिछली सरकार और वर्तमान सरकार को भेजे गए हैं। जिन पर अभी तक विचार नहीं किया गया है। इस वर्ग से संबंधित लोगों ने प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मांग की है कि अधिकतम सालाना आय के नियम में संशोधन करके इसे 50,000 रुपये सालाना किया जाए और ऋण लेने के नियम में बदलाव करके इसे बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपये किया जाए, ताकि इस वर्ग के लोगों को ऋण योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ मिल सके।
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मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना आने के बाद कम हुए ऋणदाता-
अनुसूचित जाति एवं जनजाति विकास निगम में मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के लाॅन्च होने के बाद निगम से ऋण प्राप्त करने वाले मामलों में कमी देखी जा रही है। गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले इस वर्ग के लोगों को भी इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जबकि, प्रदेश सरकार ने गरीबी रेखा के लिए अधिकतम सालाना आय 50,000 रुपये तक कर दी है। जिला एससी/एसटी विकास निगम ने वर्ष 2020-21 में 35 लोगों को छह और चार फीसदी के हिसाब से 50, 000 रुपये के ऋण प्रदान किए। वहीं, वर्ष 2022-23 में यह आंकड़ा 40 ऋण प्राप्त करने वालों तक ही सिमट गया है। निगम को प्रति वर्ष पचास से ऊपर ऋण प्राप्त करने वाले नहीं मिल पा रहे हैं। अब यह आंकड़ा भी और कम होता जा रहा है। जब वर्ष 2018-19 में यह आंकड़ा 50 के करीब रहता था। वर्ष 2018-19 से वर्ष 2022-23 तक जिला एससी एसटी विकास निगम से केवल 215 लोगों ने ही 6 और 4 प्रतिशत के हिसाब से 50000 रुपयों तक लोन प्राप्त किए हैं।
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अधिकतम सालाना आय का दायरा प्रदेश सरकार ने नहीं बढ़ाया : शर्मा
अनुसूचित जाति एवं जनजाति विकास निगम हमीरपुर के प्रबंधक सोहन लाल शर्मा ने बताया कि सामाजिक कल्याण विभाग में बीपीएल व अन्य योजनाओं के लिए पात्रों की सालाना आय को 50,000 रुपये तक बढ़ा दिया गया है लेकिन अभी तक प्रदेश सरकार की ओर से इस वर्ग के लोगों के लिए सालाना आय को 35000 रुपये तक ही रखा गया है। इस बारे में प्रबंधन की ओर से तीन बार प्रदेश सरकार को प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं।