हमीरपुर। प्रदेश आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी संघ ने जिला आयुर्वेदिक अस्पताल हमीरपुर को कोविड-19 सेंटर बनाने के लिए की जा रही तथ्यहीन बयानबाजी का विरोध किया है। संघ के पदाधिकारियों डॉ. सुनील कुमार, डॉ. रविंद्र कुमार शर्मा और डॉ. राजेश शर्मा ने कहा कि कुछ लोग और एक एनजीओ आयुर्वेदिक अस्पताल हमीरपुर के बारे में तथ्यहीन टिप्पणी कर रहे हैं। ये लोग व एनजीओ चैरिटेबल अस्पताल भोटा में मौजूद जिला कोविड केयर सेंटर को आयुर्वेदिक अस्पताल हमीरपुर में शिफ्ट करने की मांग कर रहे हैं। जिसके लिए वे उपायुक्त से भी मिले हैं। कुछ लोग ऐसी टिप्पणियां कर रहे हैं कि आयुर्वेदिक अस्पताल में मरीज नहीं आते हैं। जबकि जिला आयुर्वेदिक अस्पताल में रोजाना 300 से 400 लोग और कोविड-19 में डेढ़ सौ से 200 लोग उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। अतरंग विभाग कोरोना को ध्यान में रखकर चलाया जा रहा है। संक्रमण के खतरे के कारण पंचकर्म विभाग को कुछ समय के लिए बंद किया गया था जो अब शुरू कर दिया गया है। इन चिकित्सक ने कहा कि सोशल मीडिया पर ऐसी भ्रामक प्रचार करने वाले लोगों की संघ निंदा करता है। उधर, जिला आयुर्वेदिक अस्पताल हमीरपुर की एमएस डॉक्टर पूनम शर्मा ने कहा कि कुछ समय पहले कोरोना महामारी के दौरान सीएमओ के निर्देश अनुसार आयुर्वेदिक चिकित्सालय को आईसोलेशन के लिए खाली कराया गया था, परंतु अब डेढ़ महीना पहले अतरंग विभाग का कार्य सुचारु हो गया है। नया चिकित्सा भवन राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत केवल पंचकर्मा और क्षारसूत्र के रोगियों के लिए बना है जिसमें शीघ्र ही सुविधाएं मिलेंगी। आयुर्वेदिक अस्पताल के बारे में ऐसा भ्रामक प्रचार कि यह खाली पड़ा हुआ है, निंदनीय है।