किराया भुगतान न होने से स्पोर्टस कांप्लेक्स हमीरपुर में बंद पड़ी दुकानें। संवाद
हमीरपुर। शॉपिंग कांप्लेक्स हमीरपुर में नगर परिषद को आवंटित दुकानों पर दो साल बाद भी खेल विभाग का कब्जा है। इन दुकानों को नगर परिषद हमीरपुर के हवाले नहीं किया गया है। नगर परिषद की तरफ से दुकानों को खाली करवाने को लेकर औपचारिक तौर पर प्रयास नहीं किए गए हैं। नगर परिषद अधिकारियों ने इस मसले को प्रशासन के ध्यान में जरूर लाया है लेकिन इस ध्यानाकर्षण का कोई लाभ नहीं हुआ।
दरअसल दो साल पूर्व स्पोटर्स शॉपिंग कांप्लेक्स सोसायटी के माध्यम से 10 दुकानें नगर परिषद को आवंटित हुई हैं। इन दुकानों को लेकर भी सोसायटी और नगर परिषद हमीरपुर में असमंजस बना हुआ है। खास बात यह है कि इस सोसायटी के कैशियर नगर परिषद हमीरपुर के कार्यकारी अधिकारी हैं। सोसायटी की तरफ से उगाही का जिम्मा नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी के पास है। नगर परिषद की सोसायटी में सहभागिता तो है लेकिन नगर परिषद के हकों पर खेल विभाग ने कुंडली जमा कर रखी है। जिन दुकानों को नगर परिषद को आवंटित किया गया है उन दुकानों में खेल विभाग का सामान रखा गया है। नगर परिषद की दुकानों को विभाग का स्टोर बना दिया गया है। मौखिक तौर पर नगर परिषद के अधिकारियों ने प्रशासन से इन दुकानों को खाली करवाने का आग्रह जरूर किया है। सोसायटी के माध्यम से संचालित कांप्लेक्स की अधिकतर दुकानों को नीलामी के जरिये भी आवंटित किया है। नीलामी से आवंटित अधिकतर दुकानों का किराया पिछले दो साल से पैंडिंग है। महंगी दरों पर दुकानदारों ने दुकानों को नीलामी में खरीद तो लिया है लेकिन अब किराया अदा नहीं कर रहे हैं। एक तरफ सोसायटी यहां किराया वसूलने में नाकाम साबित हुई है, वहीं नगर परिषद हमीरपुर की दुकानों पर खेल विभाग के कब्जे से तमाम व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
कोट
नगर परिषद हमीरपुर के कार्यकारी अधिकारी अजमेर ठाकुर ने कहा कि प्रशासन के ध्यान में मामला लाया गया है। जल्द ही लिखित तौर पर विभाग को पत्राचार किया जाएगा ताकि इन दुकानों से नगर परिषद को कुछ आमदनी हो सके।
एसडीएम हमीरपुर मुनीष कुमार सोनी का कहना है कि नगर परिषद हमीरपुर की तरफ से दुकानों का मसला ध्यान में लाया गया है। इस विषय पर जल्द कार्रवाई की जाएगी।