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वरिष्ठ एवं नवोदित साहित्यकारों ने प्रस्तुत कीं रचनाएं

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पहाड़ी दिवस समारोह में भाग लेते नवोदित और वरिष्ठ कवि। - फोटो : Hamirpur-HP
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हमीरपुर। भाषा एवं संस्कृति विभाग जिला हमीरपुर की ओर से वीरवार को पहाड़ी दिवस के उपलक्ष्य पर कवि सम्मेलन एवं लेखक गोष्ठी करवाई गई। प्रति वर्ष 1 नवंबर को पहाड़ी दिवस के रूप में मनाया जाता है। हिमाचल प्रदेश में पहाड़ी भाषा (बोली) के उन्नयन के लिए भाषा एवं संस्कृति विभाग विभिन्न गतिविधियों का आयोजन करवाता है।
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पहाड़ी भाषा के प्रति जन जागरण की भावना लाने तथा युवा पीढ़ी की रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से विभाग ने इस वर्ष विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए स्वीप के अंतर्गत निबंध लेखन, नारा लेखन एवं लघु वीडियो निर्माण प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया। इसके साथ-साथ विभाग की ओर से पहाड़ी कवि सम्मलेन एवं लेखक गोष्ठी का आयोजन भी किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य एवं जिला हमीरपुर के वरिष्ठ साहित्यकार मजलसी राम वैरागी ने की।
कार्यक्रम में सुशील गौतम, दिलीप सिंह, अजीत दीवान, मुनीष तनहा, लाल चंद ठाकुर, होशियार सिंह, राजेश कुमार, मनोहर लाल, मुनीश अवस्थी, ऋतिक कुमार, दिनाक्षी, दीक्षा कटोच और स्मृति पठानिया आदि जिला के वरिष्ठ एवं नवोदित साहित्यकारों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। अंत में जिला भाषा अधिकारी ने विभाग की ओर से सभी को पहाड़ी दिवस की शुभकामनाएं दीं और पहाड़ी में लिखने का आग्रह कर पहाड़ी को लेकर भविष्य की योजना प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि जिला के सभी साहित्यकार पहाड़ी का इतिहास एवं क्षेत्र, पहाड़ी बोली का व्याकरण, पहाड़ी साहित्य का इतिहास, पहाड़ी की लिपियां एवं आठवीं अनुसूची में पहाड़ी का स्थान, पक्ष एवं विपक्ष आदि विषयों पर शोध पत्र लिखकर पहाड़ी से संबंधित विषयों को समाज के समक्ष प्रस्तुत करें।
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