उपमंडल भोरंज के अंतर्गत सनेड स्थित स्कूल भवन
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हमीरपुर। विधानसभा क्षेत्र हमीरपुर के राजकीय प्राथमिक और माध्यमिक पाठशाला सनेड़ में मल्टी टास्क वर्कर के पद के लिए आवेदन करने वाले एक अभ्यर्थी ने शनिवार को स्कूल में बाड़बंदी कर दी। इससे संबंधित स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थी स्कूल नहीं पहुंच पाए। इस दौरान हल्की बारिश हो रही थी और विद्यार्थी सड़क के किनारे खड़े रहे। तभी स्कूल के अध्यापकों ने इस मामले की सूचना शिक्षा उपनिदेशक प्रारंभिक हमीरपुर को दी। सूचना मिलने के बाद उपनिदेशक संजय ठाकुर ने खंड शिक्षा अधिकारी भोरंज सुमन कुमारी को मौके पर भेजा।
मामला शांत न होने पर तहसीलदार हमीरपुर अशोक पठानिया समेत राजस्व विभाग के कर्मचारी भी मौके पर पहुंच गए। तहसीलदार और बीपीईओ के हस्तक्षेप के बाद विद्यार्थियों को स्कूल में प्रवेश मिला। तहसीलदार ने बताया कि कोई भी व्यक्ति अपनी मर्जी से स्कूल की एंट्री बंद नहीं कर सकता। ऐसा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कार्रवाई का प्रावधान है। अगर किसी का जमीन से संबंधित को विवाद है तो वह न्यायालय जा सकता है। वहीं मल्टी टास्क वर्कर के पद के लिए आवेदन करने वाले वीरेंद्र कुमार ने बताया कि जिस भूमि पर पांच कमरों का प्राथमिक और माध्यमिक पाठशाला भवन बना हुआ है, वह जमीन उन्होंने स्कूल के लिए दान दी है। सरकार के निर्देश हैं कि स्कूल के लिए भूमि दान देने वालों को मल्टी टास्क वर्कर भर्ती में आठ अंक अतिरिक्त मिलेंगे, लेकिन शिक्षा विभाग ने उनकी जगह किसी अन्य व्यक्ति को स्कूल में नौकरी प्रदान कर दी। जो कि गलत है।
उधर, एसडीएम हमीरपुर मनीष सोनी और प्रारंभिक शिक्षा विभाग के उपनिदेशक संजय कुमार ठाकुर ने बताया कि संबंधित स्कूल भवन वर्ष 1982-83 में बना हुआ है। मल्टी टास्क वर्कर के पद को भरने के लिए विभाग की ओर से 13 अप्रैल को अधिसूचना जारी की गई थी। 17 जून को साक्षात्कार लिए गए और 28 जून को परिणाम घोषित किया गया, लेकिन संबंधित अभ्यर्थी ने स्कूल के नाम जमीन 2 जुलाई को गिफ्ट डीड करवाई है। सरकार के स्पष्ट आदेश हैं कि भर्ती की अधिसूचना के बाद जमीन देने वाले अभ्यर्थी को मिलने वाले आठ अंक नहीं दिए जा सकते। कुल 38 अंकों की मेरिट बनी है, जिसमें सुरेश कुमार चयनित हुआ, जबकि वीरेंद्र कुमार के कम अंक हैं।