रेफरी टीम का तर्क, प्रतियोगिता में पूरी बरती गई पारदर्शिता
संवाद न्यूज एजेंसी
नादौन (हमीरपुर)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बाल नादौन में आयोजित राज्यस्तरीय सांस्कृतिक एवं खेलकूद प्रतियोगिता के दौरान बिलासपुर से आई रिदमिक योग की खिलाड़ी ने अपने परिणाम को लेकर आपत्ति जताई है। खिलाड़ी ने अपनी शिकायत में कहा है कि जिस तरह का उच्च स्तर का प्रदर्शन उसने किया है, उसके अनुरूप उसका परिणाम नहीं आया है। दूसरे स्थान पर आई इस खिलाड़ी का कहना है कि उसके बेहतर एक्शन और मूव को नजरअंदाज किया गया है, जबकि उसकी प्रतिद्वंद्वी की कई कमियों की तरफ ध्यान नहीं दिया गया। संबंधित रेफरी की टीम का कहना था कि पांच रेफरी के पेनल का यही निर्णय था। इस प्रतियोगिता में पूरी पारदर्शिता बरती गई है। उन्होंने कहा कि किसी भी बच्चे के प्रदर्शन में रेफरी टीम की ओर से भेदभाव करना असंभव है। इसी तरह किन्नौर की टीम ने भी सांस्कृतिक प्रतियोगिता के दौरान उनके परिणाम पर आपत्ति जताई है। इस संबंध में शिक्षा उपनिदेशक अशोक कुमार ने बताया है कि ऐसे मामलों में ज्यूरी निर्णय लेती है। उन्होंने कहा कि ज्यूरी इन मामलों में जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि पूरी पारदर्शिता के साथ कार्य किया जाएगा।