हमीरपुर। शिक्षा विभाग में इस माह हुए टीजीटी युक्तिकरण के आदेश होल्ड करना उचित है। अगर इनको पूरी तरह से रद्द किया जाए तो यह सराहनीय कदम होगा। ज्वाइन कर चुके शिक्षकों ने शिक्षा विभाग के आदेशों की अनुपालना की है। उनको पिछले स्कूलों में बैक किया जाए और इन आदेशों के समस्त प्रभाव शून्य किए जाएं। यह मांग राजकीय टीजीटी कला संघ ने प्रदेश सरकार से उठाई है। संघ ने अपनी वर्चुअल बैठक में युक्तिकरण प्रक्रिया को पूरी तरह से रद्द करने की मांग दोहराई है। संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कौशल और प्रदेश महासचिव विजय हीर ने कहा कि वर्ष 2024 में छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश में प्राथमिक स्तर पर हुए युक्तिकरण में आरटीई और नई शिक्षा नीति में स्वीकृत 1:30 अनुपात और माध्यमिक स्तर पर 1:35 अनुपात अनुसार युक्तिकरण हुआ है। ऐसे में प्रदेश में युक्तिकरण को युक्तिसंगत बनाया जाए। अधिक नामांकन वाले स्कूलों में ट्रांसफर या प्रमोशन से शिक्षकों के रिक्त पद भरे जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि 800 पदों पर टीजीटी से प्रवक्ता और 200 पदों पर टीजीटी से हेडमास्टर प्रमोशन होनी है और 70 टीजीटी ने बीआरसीसी नियुक्त होना है। ऐसे में सरप्लस शिक्षकों के समायोजन हेतु काफी विकल्प मौजूद हैं। ऐसे में सरकार को ये आदेश रद्द करने चाहिए। वहींं शिक्षकों के तबादलों से प्रतिबंध हटाने की अधिसूचना तत्काल जारी करने की मांग की है।