नादौन में हड़ताल पर बैठे जिला परिषद कर्मचारी एवं अधिकारी संघ के सदस्य। (स्रोत : संवाद)
हमीरपुर/नादौन। जिला परिषद कर्मचारी एवं अधिकारी महासंघ की कलम छोडो हड़ताल बुधवार को 20वें दिन को भी जारी रही। कर्मचारियों की हड़ताल को प्रदेशभर से जनप्रतिनिधियों और आम जनमानस का समर्थन मिल रहा है। उधर, खंड विकास कार्यालय नादौन में पेन डाउन हड़ताल पर बैठे जिला परिषद कैडर के कर्मचारी और अधिकारी सरकार के उन आदेशों पर भड़क गए हैं, जिनमें हड़ताल पर गए कर्मचारियों पर कार्रवाई करने के चेतावनी दी गई है।
संघ ने सरकार से पूछा है कि जब सरकार उन्हें सरकारी कर्मचारी मानती ही नहीं है तो सरकारी कर्मचारियों के विरुद्ध किस नियम के तहत कार्रवाई करने की धमकी दी गई है। यह नियम उनके इस वर्ग पर कैसे लागू हो सकता है। संघ की नादौन इकाई के अध्यक्ष कुलदीप सिंह और महासचिव राहुल शर्मा ने कहा कि सरकार में उनके इस वर्ग की पूरी तरह अनदेखी की जा रही है।
उन्होंने याद दिलाया कि चुनाव से पहले उनके वर्ग से कांग्रेस ने वायदा किया गया था कि सत्ता में आते ही इस वर्ग की मांगों को पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिला परिषद कैडर के कर्मचारी वर्ग को ओपीएस और छठे वेतन आयोग का लाभ भी नहीं दिया गया है। संघ ने सरकार को चेतावनी दी है कि जब तक इस वर्ग की मांगों को पूर्ण नहीं किया जाता तब तक यह वर्ग प्रदेश भर में हड़ताल को जारी रखेगा।
कर्मचारियों को डराने का कार्य न करें : अशोक
जिला परिषद कर्मचारी एवं अधिकारी महासंघ हमीरपुर के जिला अध्यक्ष अशोक कुमार ने कहा कि जब तक विभाग में विलय का निर्णय प्रदेश सरकार नहीं लेती हमारी हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने सरकार और विभाग से अपील है कि विभाग नोटिस निकाल कर डराने और धमकाने का काम न करे। सभी जिला परिषद कर्मचारी और अधिकारी महासंघ के सभी कर्मचारी एकजुट हैं। इस बार किसी के बहकावे में नहीं आएंगे।