हमीरपुर। प्रदेश के पहले बकरी प्रजनन केंद्र में बीटल नस्ल की बकरियों को लेकर खरीद शुरू हो गई है। पशु पालन विभाग ने जिला कांगड़ा में कृषि विज्ञान केंद्र और पशु महाविद्यालय पालमपुर से इनकी खरीद की सारी तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। 26 जनवरी से पहले बकरी प्रजनन केंद्र ताल में दस बकरियों को कांगड़ा जिले से लाने की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। जिला पशुपालन विभाग के बकरी प्रजनन केंद्र ताल में 100 बीटल नस्ल की बकरियां और दस बकरे रखने हैं। एक कनाल भूमि में बने प्रजनन केंद्र भवन में इन्हें रखा जाएगा। विभाग के अधिकारी सिर्फ बीटल नस्ल की बकरियों को ही इस प्रजनन केंद्र में रखने जा रहा है।
विभाग की ओर से एक करोड़ खर्च करके इस प्रजनन केंद्र के भवन को तैयार किया गया है। इससे पहले हिमाचल प्रदेश में कोई भी बकरी प्रजनन केंद्र नहीं है। यह प्रदेश का पहला बकरी प्रजनन केंद्र होगा। प्रारंभिक चरण में विभाग की ओर से कृषि विज्ञान केंद्र कांगड़ा से बीटल नस्ल की छह बकरियां और एक बकरे को खरीद लिया गया है। 26 जनवरी से पहले ही प्रजनन केंद्र में पहुंचा दिया जाएगा। इसके अलावा पशुपालन महाविद्यालय पालमपुर से दो बकरियों और एक बकरे को खरीदा गया है। इन्हें भी 26 जनवरी से पहले प्रजनन केंद्रों में लाया जाना है। विभाग के अधिकारी असली बीटल नस्ल की बकरियां ही केंद्र में रखेंगे। हालांकि, मिश्रित नस्ल की बीटल बकरियां तो विभाग के अधिकारियों को बहुत मिल रही हैं लेकिन केंद्र में शुद्ध बीटल नस्ल की बकरियों को ही रखा जाना है। पशु पालन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी शुद्ध बीटल नस्ल की बकरियों को पंजाब और हरियाणा में भी तलाश रहे हैं। वर्ष 2024 तक इस प्रजनन केंद्र में सौ बकरियों के साथ दस बीटल नस्ल के बकरों को रखने की योजना है। वर्ष 2025 से स्थानीय किसानों को इस प्रजनन केंद्र से बीटल बकरियों के बच्चे सस्ते मूल्यों पर बेचना शुरू कर दिए जाएंगे।
जिला पशुपालन विभाग प्रजनन केंद्र के सहायक निदेशक संजीव कालिया ने बताया कि शुद्ध बीटल नस्ल की दस बकरियों को खरीद लिया गया है। इन्हें जल्द ही कृषि विज्ञान केंद्र कांगड़ा और पशु महाविद्यालय पालमपुर से लाया जाएगा।