People forced to push for government ambulance in medical college
हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर में सरकारी एंबुलेंस का लाभ लेेने के लिए मरीजों और तीमारदारों को धक्के खाने पड़ रहे हैं। अस्पताल में चार सामान्य और एक एडवांस लाइफ स्पोर्ट एंबुलेंस मौजूद हैं। इनमें से दो सामान्य एंबुलेंस के पहिये थम गए हैं। इन दोनों में से एक बंगाणा में बीते सप्ताह खराब हो गई थी और दूसरी की पासिंग नहीं हुई है। दो अन्य सामान्य एंबुलेंस राजनीतिक कार्यक्रमों के लिए लगाई गईं हैं। एडवांस लाइफ स्पोर्ट एंबुलेंस तो वैसे भी गंभीर मरीजों के लिए पीजीआई, शिमला या टांडा के लिए व्यस्त रहती है।
वहीं, अस्पताल में एंबुलेंस सुविधा के लिए लगाए गए चालकों के नंबरों पर कॉल करने पर चालक मरीजों व तीमारदारों को गुमराह करते हैं। शनिवार शाम करीब साढ़े चार बजे एक मरीज भाग सिंह के तीमारदार ने चालक को कॉल की तो पहले तो वह मुकर गया कि आपका नंबर गलत लग गया है। जब उसे बताया कि यह नंबर अस्पताल में लगे नंबर से लिया है तो वह कहने लगा कि एंबुलेंस के बारे में दूसरा चालक सुभाष ही बता सकता है।
ऐसे में एक अन्य नंबर पर कॉल की तो पता चला कि दो एंबुलेंस खराब हैं। लोगों का कहना है कि चालक कॉल करने पर कम से कम मरीजों को गुमराह तो न करें। मेडिकल कॉलेज में बाहर से आने वाले लोगों को एंबुलेंस की जानकारी नहीं होती है। ऐसे में उन्हें स्पष्ट बताना चाहिए कि एंबुलेंस मिलेगी या नहीं। इस संबंध में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमेश चौहान ने कहा कि दो एंबुलेंस खराब हैं। दो राजनीति कार्यक्रमों के लिए लगाई हैं। एंबुलेंस केवल अस्पताल में रेफर होने पर ही मिलती है। डिस्चार्ज होने वाले मरीज प्राइवेट एंबुलेंस कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि चालकों के नंबर लगाए गए हैं। चालकों को उचित दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।
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