हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में उपचार के लिए आने वाले मरीजों को ओपीडी के बाहर खड़े रहकर या फर्श पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। यहां अस्पताल में मरीजों को ओपीडी के बाहर बैठने की समस्या हो रही है। अकसर मरीज फर्श पर बैठ अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। मेडिसन, ईएनटी और नेत्र रोग समेत प्रत्येक विभाग की ओपीडी में रोजाना 150 से 200 मरीज उपचार के लिए आते हैं। ऐसे में इतने लोगों का बैठने का प्रबंध करना मुश्किल है।
ओपीडी के बाहर जिन लोगों को बैठने के लिए कुर्सी या बेंच नहीं मिल रहा, वे नीचे फर्श पर बैठ रहे हैं। हालत ऐसे हैं कि कई बार इन मरीजों को ओपीडी के बाहर भी जगह नहीं मिल रही। जिस कारण वे अन्य जगह पर जाकर बैठ रहे हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत मेडिसन ओपीडी, ऑर्थो ओपीडी और नेत्र रोग वार्ड के पास हो रही है। नेत्र रोग वार्ड के बाहर मेडिकल कॉलेज प्रशासन द्वारा बैठने के लिए कुर्सियां भी लगाई हैं लेकिन मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण जिन मरीजों को बैठने के लिए जगह नहीं मिल रही और रेह नीचे ही बैठ रहे हैं। जिससे संक्रमण का खतरा भी बढ़ रहा है। क्योंकि बाहर से आने वाले लोगों के जूतों के साथ कई बार गंदगी भी आ जाती है। इसके अलावा ओपीडी के बाहर भारी भीड़ और बैठने की उचित व्यवस्था न होने से अस्पताल में एक ओपीडी से दूसरी ओपीडी में इलाज के लिए आने-जाने वाले मरीजों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। मेडिसन ओपीडी और ऑर्थो ओपीडी का भी यही हाल है। मरीजों सुरेश कुमार, विजय, शालिनी और प्रियंका आदि ने कहा कि मरीजों को बैठने के लिए उचित व्यवस्था की जाए ताकि किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। मेडिकल कॉलेज हमीरपुर की रोजाना की ओपीडी 1600 के करीब है।
वहीं, इस बारे मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. रमेश चौहान ने कहा कि मरीजों के बैठने की उचित व्यवस्था है। मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण कई बार दिक्कत होती है।
मौसम में बदलाव से वायरल फीवर ने जकड़े
मौसम में हो रहे बार-बार बदलाव से सर्दी जुकाम वायरल फीवर के मरीज दिनों दिन बढ़ते जा रहे हैं। जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में ओपीडी के बाहर आय-दिन वायरल से ग्रस्त मरीजों की लंबी-लंबी लाइनें लग रही हैं। विशेषज्ञ चिकित्सक अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीजों को एलोपैथी इलाज के अलावा जीवन शैली का विशेष ध्यान रखने की नसीहत भी दे रहे हैं। क्योंकि हल्की से धूप होने पर लोग अकसर टी-शर्ट में घूम रहे हैं लेकिन सुबह-शाम को ठंड पड़ रही है। मौसम सर्द और गर्म होने से लोग वायरल फीवर की चपेट में आ रहे हैं।