निजी एंबुलेंस में मनमाने दामों की वसूली से बढ़ रहा आर्थिक बोझ
अस्पताल के पास बची महज एडवांस लाइफ स्पोर्ट एंबुलेंस
रेफर किए मरीजों को नहीं मिल पा रही सुविधा, हो रही दिक्कत
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में अब बीएलएस (बेसिक लाइफ स्पोर्ट) एंबुलेंस भी खराब हो गई है। अब अस्पताल में महज एक ही एएलएस (एडवांस लाइफ स्पोर्ट) एंबुलेंस बची है। ऐसे में जब यह एंबुलेंस एक मरीज को लेकर कहीं जाती है तो अन्य रेफर किए मरीजों को निजी एंबुलेंसों का ही सहारा लेना पड़ेगा और निजी एंबुलेंस वाले मनमाने दाम वसूलते हैं। इससे तीमारदारों को आपातकाल में मनमाने दामों पर ही एंबुलेंस करनी पड़ती है, जिससे उनपर आर्थिक बोझ पड़ता है। मेडिकल कॉलेज में महज दो सरकारी एंबुलेंस थीं। इनमें से एक खराब हो गई है। जबकि अस्पताल से हर रोज करीब 20 से 25 मरीज आईजीएमसी, पीजीआई, टांडा, लुधियाना, जांलधर आदि अस्पतालों के लिए रेफर किए जाते हैं। ऐसे में इन मरीजों को सरकारी एंबुलेंस की सुविधा से वंचित रहना पड़ेगा। गरीब मरीजों पर इससे आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। तीमारदारों संजीव, प्रदीप, अमन, नरेश, यशपाल, मनोरमा, आशा आदि ने कहा कि जब मरीजों को रेफर किया जाता है तो कहा जाता है कि सरकारी एंबुलेंस अन्य मरीज को लेकर गई है आप स्वयं और एंबुलेंस कर लीजिए। अन्य निजी एंबुलेंस चालक मनमाने दाम वसूलते हैं। इससे आर्थिक बोझ पड़ता है। अस्पताल में बीएलएस एंबुलेंस पांच दिन पूर्व ही खराब हुई है, जिससे अब और समस्याएं बढ़ गई हैं। इस बारे में अस्पताल के प्राचार्य डॉ. रमेश भारती ने कहा कि एएलएस एंबुलेंस में मरीजों को भेजा जाता है और इस एंबुलेंस में आधुनिक सुविधाएं हैं।