हमीरपुर। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो मंडी के पुलिस अधीक्षक राहुल नाथ ने शनिवार को हमीरपुर विजिलेंस थाने का दौरा किया। इस मौके पर उन्होंने हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर के पेपर लीक मामलों की जांच कर रहे सभी जांच अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने जांच अधिकारियों को अपने-अपने मामले की जांच शीघ्र पूरी कर न्यायालय में चालान पेश करने के निर्देश दिए।
23 दिसंबर 2022 को हमीरपुर विजिलेंस टीम ने चयन आयोग के माध्यम से आयोजित होने वाली पोस्ट कोड 965 जेओए आईटी भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक मामले का पटाक्षेप किया था। इसके बाद प्रदेश सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की थी। अभी तक 14 विभिन्न पोस्ट कोड के तहत आयोजित भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक होने का खुलासा एसआईटी कर चुकी है। करीब दो दर्जन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वर्तमान में आयोग से निलंबित वरिष्ठ सहायक उमा आजाद, उसके दो बेटे नितिन और निखिल आजाद तथा दलाल संजीव कुमार सलाखों के पीछे हैं। जबकि अन्य आरोपी जमानत पर रिहा हो चुके हैं। संजीव कुमार की जमानत पर 23 अगस्त, जबकि उमा आजाद की जमानत पर 24 अगस्त को न्यायालय में सुनवाई होनी है। जबकि कुछेक अन्य पोस्ट कोड की जांच भी चल रही है, जिसमें भी बहुत जल्द बड़े खुलासे होने की संभावना है।
दीपक सानन की अध्यक्षता में नए आयोग को लेकर चल रहा काम
नए चयन आयोग के गठन को लेकर भी प्रदेश सरकार ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। पूर्व आईएएस अधिकारी दीपक सानन की अध्यक्षता वाली कमेटी नए चयन आयोग के गठन को लेकर काम कर रही है, ताकि लाखों बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने की दिशा में काम हो पाए। पेपर लीक मामले के बाद प्रदेश सरकार ने प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर को भंग कर दिया। इसके चलते करीब तीन हजार विभिन्न श्रेणियों के पदों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। कुछेक ओवरऐज होने के कगार पर हैं। ऐसे में अगर जल्द नए चयन आयोग का गठन न हुआ तो दिन-रात परीक्षाओं की तैयारियों को लेकर मेहनत करने वाले हजारों की संख्या में अभ्यर्थी सरकारी नौकरी से वंचित रह सकते हैं।
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