भेड़ प्रजनन प्रक्षेत्र ताल (संवाद)
भोरंज (हमीरपुर)। खुले में शौच मुक्त घोषित हो चुके जिला हमीरपुर में स्थिति इसके विपरीत है। सरकार ने हमीरपुर जिले को खुले में शौच मुक्त घोषित कर दिया है, लेकिन यहां एक सरकारी संस्थान में ही शौचालय नहीं है। यह संस्थान है ताल में स्थित भेड़ प्रजनन केंद्र है। यहां के कर्मचारी शौचालय न होने के कारण खुले में शौच करने पर मजबूर हैं। इससे स्वच्छ भारत मिशन की पोल खुल रही है।
वर्ष 1965 में ताल में भेड़ प्रजनन केंद्र बनाया गया था। मगर 58 वर्ष बीत जाने के बाद भी इस केंद्र में शौचालय की सुविधा नहीं है। केंद्र में तैनात लगभग 26 कर्मचारी जिसमें क्लास फोर 20, फार्मासिस्ट चार, वेटनरी फार्मासिस्ट एक एक असिस्टेंट निदेशक तैनात, खुले में ही शौच जाने के लिए मजबूर हैं। इस कारण पर्यावरण भी दूषित हो रहे हैं। ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि कई उच्च अधिकारी हर माह 20 दिनांक को प्लास्टिक आदि इकत्रित कर फोटो खिचवा रहे हैं। लेकिन जब तक शौचालय का ही निर्माण नहीं होगा तो स्वच्छ भारत किस तरह बनेगा।
स्कूलों, कॉलेजों, पंचायतों, आंगनबाड़ी केंद्रों, पंचायत स्तर पर अनेकों रैलियां निकालर स्वच्छ भारत का संदेश दिया जा रहा है। लेकिन प्रदेश का पशुपालन विभाग ऐसी गहरी नींद सोया है कि आज तक यहां पर शौचालय का निर्माण नहीं करवा पाया। जिस कारण कार्यालय में तैनात कर्मचारी भी परेशान हैं। महिला कर्मचारियों को तो खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
उधर, पशुपालन विभाग हमीरपुर के उपनिदेशक मनोज भारद्वाज ने कहा कि एस्टीमेट बनाया जा रहा है जल्द ही शौचालय बनाया जाएगा।