हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर में सेवारत कर्मचारियों को वेतन मिलने का रास्ता साफ हो गया है। प्रदेश सरकार ने कर्मचारी संघ की मांग पर गोर करते हुए उपायुक्त हमीरपुर देबश्वेता बनिक को आयोग का एचओडी नियुक्त किया है। अब वह आयोग के किसी भी अधिकारी को डीडीओ की शक्तियां प्रदान कर सकती हैं। जिस अधिकारी को डीडीओ शक्तियां मिलेंगी, वह कर्मचारियों के वेतन जारी करने के लिए अधिकृत होगा। आयोग के सचिव और उपसचिव को आयोग से हटाने के कारण पिछले एक महीने से कर्मचारियों का वेतन रुका हुआ था। कर्मचारियों की ओर से लंबे समय से वेतन जारी करने की मांग की जा रही थी। जो अब पूरी हो जाएगी।वहीं, विजिलेंस की ओर से भर्ती परीक्षा प्रश्नपत्र लीक मामले की जांच जारी है। विजिलेंस ने अब प्रदेश के उन सभी अभ्यर्थियों को विजिलेंस थाना में तलब किया है, जिनकी आयोग के पूर्व सचिव डॉॅ. जितेंद्र कंवर से फोन पर बात हुई है। इसमें अधिकांश ऐसे अभ्यर्थी हैं, जिन्होंने अपना एडमिट कार्ड जारी न होने या परीक्षा केंद्र से संबंधित जानकारी हासिल करने के लिए आयोग के पूर्व सचिव को फोन किया था। विजिलेंस यह जानने का प्रयास कर रही है कि कहीं इनमें वह अभ्यर्थी शामिल तो नहीं जिसने प्रश्नपत्र हासिल करने के लिए फोन किया हो। लेकिन, अभी तक की जांच में ऐसा मामला सामने नहीं आया है। विजिलेंस ने जेओए आईटी, कंप्यूटर ऑपरेटर और जूनियर ऑडिटर भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में कुल आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया हुआ है। चार को न्यायालय से जमानत मिल चुकी है। जबकि मुख्य आरोपी उमा आजाद, उसके दो बेटे और दलाल संजीव अभी तक न्यायिक हिरासत में ही हैं। वहीं, आयोग के पूर्व सचिव बीमार चल रहे हैं, जिनका हमीरपुर अस्पताल में उपचार चल रहा है।
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