हमीरपुर। जिला हमीरपुर में इस बार बरसात के मौसम में पांच गांवों में जमीन धंसने के मामले सामने आए हैं। जिले के जब्बल खेरियां, सदोह, गुरु द वन, समताना खुर्द, मनसाई आदि गांवों में जमीन धंस रही है। जल्द ही इस जमीन का भू संरक्षण में एक्सपर्ट एजेंसी की ओर से निरीक्षण और सर्वे किया जा जाएगा। इन स्थलों की मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और स्वास्थ्य मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल भी निरीक्षण कर चुके हैं। इसके बाद अब सरकार ने धंस रही जमीन का एक्सपर्ट एजेंसी की ओर से सर्वेक्षण करवाने का निर्णय लिया है। सरकार और प्रशासन इन स्थलों पर रह रहे लोगों को अन्य जगह शिफ्ट करने का कार्य कर रहे हैं। उपायुक्त हमीरपुर हेमराज बैरवा ने कहा जिन लोगों की जमीन बिल्कुल धंस चुकी हैं, उन्हें स्पेशल राहत पैकेज दिलवाया जाएगा। धंस रही जमीन की सूची बनाकर प्रदेश सरकार को भेज दी है। सरकार से सहायता राशि उपलब्ध होने पर पीड़ित परिवारों को वितरित की जाएगी। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने लोगों को सरकार की ओर से राहत देने की बात कही है। जिला प्रशासन की ओर से आपदा से हुए नुकसान का आकलन किया जा चुका है। इसकी सूची तैयार कर सरकार को भेजी जा चुकी है। उपायुक्त हमीरपुर हेमराज बैरवा ने कहा कि जिले के जब्बल खेरियां, सदोह, गुरु द वन, समताना खुर्द, मनसाई इत्यादि गांवों में जमीन धंस रही है। सरकार की ओर से इस जमीन का भू संरक्षण में एक्सपर्ट एजेंसी की ओर से जांच करवाई जाएगी। सरकार ने निर्णय लिया है कि इन परिवारों को किसी दूसरी सुरक्षित जगह में शिफ्ट किया जाएगा या अच्छी सुरक्षा लगाकर उसी जगह पर बसाया जाएगा। यह निर्णय भू संरक्षण एजेंसी की रिपोर्ट के बाद आने पर लिया जाएगा। धंस रही जमीन से करीब 16 से 18 परिवार प्रभावित हैं। इन्हें सरकार की ओर से राहत और जमीन आवंटित करने का काम शुरू हो चुका है। जिन किसानों की जमीन पूरी तरह से बारिश के कारण बर्बाद हो चुकी है, उन किसानों को सरकार की ओर से स्पेशल राहत पैकेज के आधार पर राशि वितरित की जाएगी।
तीन परिवारों को छह मरले भूमि घर बनाने के लिए आवंटित
हमीरपुर जिले में गुरु द वन गांव में तीन परिवारों को छह मरले भूमि घर बनाने के लिए आवंटित कर दी गई है। अन्य जगहों पर प्रक्रिया जारी है। जल्द ही लोगों को घर बनाने के लिए जमीन ने आवंटित कर दी जाएगी। उपायुक्त ने बताया कि धंस रही जमीन से करीब 16 से 18 परिवार प्रभावित हुए हैं। हालांकि समताना खुर्द में जमीन धंसने से तीन परिवारों को ज्यादा खतरा है। उनके लिए सरकार उचित कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि समताना खुर्द में जमीन धंसने से 12 परिवारों को नुकसान पहुंचा है लेकिन ज्यादा नुकसान तीन परिवारों को ही हुआ है। भू संरक्षण एजेंसी की रिपोर्ट आने के बाद ही अन्य परिवारों के लिए सरकार की ओर से निर्णय लिया जाएगा।
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