क्वांटम मेकेनिक्स और संचार प्रणालियों पर वक्ताओं ने रखे विचार
एनालिसिस और ऑप्टिमाइजेशन विषय पर एनआईटी में तीन दिन तक होगा मंथन
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। एनआईटी हमीरपुर में चौथे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आईसीएनएएओ-2024 का शुभारंभ वीरवार को हुआ। एनआईटी हमीरपुर के गणित और वैज्ञानिक कंप्यूटिंग विभाग की ओर से 17 से 19 अक्तूबर तक इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इसमें विभिन्न देशों से लगभग 200 प्रतिभागी एवं 42 वक्ता भाग ले रहे हैं। भारत के साथ-साथ जर्मनी, इटली, दक्षिण कोरिया, दक्षिण अफ्रीका और अमेरिका जैसे देशों के प्रतिभागी एवं विषय विशेषज्ञ इस सम्मेलन में सम्मिलित होने के लिए राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान हमीरपुर में पहुंचे हैं। सम्मेलन में मुख्यातिथि आईआईटी मद्रास के गणितज्ञ प्रो. एस पोनुसामी रहे। आयोजन अध्यक्ष डॉ. रमेश कुमार वत्स ने कहा कि पहले दिन विभिन्न सत्रों में सिग्नल प्रोसेसिंग, फ्लूइड डायनेमिक्स, क्वांटम मेकेनिक्स, नेटवर्क विश्लेषण, विद्युत सर्किट, और संचार प्रणालियों पर वक्ताओं ने विचार रखे हैं। डीप लर्निंग से इमेज प्रोसेसिंग और मेडिकल इमेज प्रोसेसिंग पर शोध प्रस्तुत किए गए। इमेज प्रोसेसिंग से सीसीटीवी कैमरे, फेशियल रिकग्निशन सिस्टम और अन्य निगरानी उपकरणों के माध्यम से भीड़भाड़ वाले स्थानों में निगरानी रखने, सीसीटीवी निगरानी और एक्स-रे तकनीक की मदद से खतरनाक हथियारों की पहचान कर उन्हें निष्क्रिय करने के बारे में भी चर्चा हुई। कार्यक्रम के दौरान विषय विशेषज्ञों के व्याख्यान के साथ-साथ शोधार्थियों की ओर से 130 शोध पत्र व्यक्तिगत रूप से प्रस्तुत किए जाएंगे। इस दौरान जिनसेन यूनिवर्सिटी के प्रो. ई मॉल्कोव्स्की और एमआईटी लिंकन यूएसए से प्रो. सुंदरमुर्थी ने अपने अहम विचार साझा किए। मुख्य अतिथि आईआईटी मद्रास प्रो. एस पोनुसामी ने कहा कि यह सेमिनार ऑप्टिमाइजेशन और एनालिसिस पर शोध और विमर्श की अपार संभावनाओं पर आधारित है। सम्मेलन विश्वभर के विद्यार्थियों के इस विषय पर नवाचार के आदान प्रदान का मौका है। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर क्यूएच अंसारी ने कहा कि हिमाचल में इस स्तर की पहली कार्यशाला आयोजित हो रही है। एनआईटी हमीरपुर में विश्वभर से शोधार्थी पहुंचे हैं और एनालिसिस और ऑप्टिमाइजेशन पर विमर्श हो रहा है। यह संस्थान के लिए बड़ी उपलब्धि है। मशीन लर्निंग और आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस और डीप लर्निंग का आधार ही एनालिसिस और ऑप्टिमाइजेशन है। इसका हर क्षेत्र में बेहतर नतीजों के लिए प्रयोग संभव है और इसके नतीजे भी बेहद कारगर हैं। सम्मेलन में इस विषय पर शोध प्रस्तुत किए जा रहे हैं जो हर क्षेत्र में एनालिसिस और ऑप्टिमाइजेशन की सार्थकता को पेश करेंगे। इस अवसर पर एनआईटी हमीरपुर के निदेशक प्रो. एचएम सुर्यवंशी, संस्थान की रजिस्ट्रार अर्चना संतोष ननोटी उपस्थित रहे।