हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की ओर से पुनर्मूल्यांकन शुल्क 300 से बढ़ाकर 1000 रुपये किए जाने का अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने विरोध किया है। हमीरपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता में विभाग संयोजक भवानी ठाकुर ने इसे छात्र विरोधी निर्णय बताते हुए कहा कि इससे आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। उन्होंने प्रदेश में कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी और महाविद्यालयों से जुड़े मुद्दे भी उठाए तथा सरकार से कानून-व्यवस्था पर ध्यान देने की बात कही। भवानी ठाकुर ने बताया कि 25 और 26 जुलाई को ऊना में आयोजित एबीवीपी हिमाचल प्रदेश की प्रदेश कार्यकारिणी बैठक में प्रदेश के शैक्षिक परिदृश्य और वर्तमान परिस्थितियों पर दो प्रस्ताव पारित किए गए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि छात्र हितों से जुड़े मुद्दों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो परिषद जिला हमीरपुर में व्यापक छात्र आंदोलन शुरू करेगी। संवाद