बिझड़ी (हमीरपुर)। बाबा बालक नाथ मंदिर दियोट सिद्ध में चैत्र माह मेले लगे हुए हैं। दो सप्ताह में ही बाबा बालक नाथ मंदिर में चढ़ावा 2.80 करोड़ रुपये पहुंच गया है। चैत्र माह मेले 14 मार्च से शुरू हुए थे, जो कि 13 अप्रैल तक चलेंगे। बाबा बालक नाथ के खजाने में 27 किलो सोना, चार क्विंटल चांदी जमा है।
कुल आमदनी 50 करोड़ रुपये के पार है। वहीं, आगामी समय में बाबा बालक नाथ मंदिर ट्रस्ट द्वारा मास्टर प्लान तैयार किया गया है जिसमें की करोड़ों रुपये की धनराशि श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए खर्च की जाएगी।
वर्ष 1987 में न्यास के गठन के बाद साल दर साल श्रद्धालुओं द्वारा चलाए जाने वाले चढ़ावे में काफी वृद्धि हुई। उत्तर भारत के शक्तिपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में हर वर्ष लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं द्वारा बाबा के खजाने में भरपूर चढ़ावा चढ़ाया जाता है। बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में वर्ष 1987 में न्यास का गठन हुआ था। जब न्यास का गठन हुआ, तो उसमें महज 8. 44 लाख रुपये ही जमा थे। धीरे-धीरे साल दर साल श्रद्धालुओं की गहरी आस्था के चलते श्रद्धालुओं द्वारा दिल खोलकर चढ़ावा चढ़ाया गया। जिसके चलते वर्ष 2000 तक बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध की आमदनी पांच करोड़ रुपये तक पहुंच गई। वर्ष 2019 में श्रद्धालुओं द्वारा सबसे अधिक 25.66 करोड़ रुपये का चढ़ावा बाबा की पवित्र गुफा में चढ़ाया गया। वर्ष 2020 में कोरोना के चलते मंदिर की आमदनी में काफी कमी आई और चढ़ावा 10 करोड़ के करीब ही रह गया। वर्ष 2021 में मंदिर ट्रस्ट के पास कुल 49.79 करोड़ रुपये की राशि जमा थी। इसमें से 17.88 करोड़ रुपये का व्यय हुआ जबकि अब खजाने में 31.91 करोड़ रुपये की शेष राशि जमा है। मंदिर ट्रस्ट के खजाने में 27 किलो सोना और चार क्विंटल चांदी जमा है। वर्तमान में ट्रस्ट द्वारा चार शिक्षण संस्थान भी चलाए जा रहे हैं। जिनमें एक डिग्री कॉलेज और संस्कृत महाविद्यालय शामिल है। हाल ही में 10 करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक लंगर भवन स्थापित किया गया है।
मंदिर न्यास श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए तत्पर है। मंदिर खजाने में 27 किलोग्राम सोना, जबकि चार क्विंटल चांदी जमा है। वर्ष 2021 तक मंदिर न्यास की कुल आमदनी 49.79 करोड़ रुपये के करीब थी। इसमें से 17. 88 करोड़ रुपये ट्रस्ट द्वारा खर्च किए गए जबकि 31.91 करोड़ रुपये की राशि शेष जमा है।
शशि पाल शर्मा, एसडीम बड़सर