दमकल चौकी बिझड़ी के कर्मचारी जंगल में सूखे स्रोतों में पानी भरने के लिए टैंकर लेकर जाते हुए। सं
दमकल विभाग चौकी बिझड़ी के कर्मचारी निस्वार्थ कर रहे सेवा
बेजुबान जानवरों की सहायता के लिए कर्मचारियों की पहल
दमकल चौकी बिझड़ी के कर्मचारियों ने पेश की मानवता की मिसाल
जंगलों में सूखे जलस्रोतों में निजी तौर पर टैंकर मंगवाकर डाल रहे पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। बढ़ती गर्मी और जंगलों में लगी आग से मौत से जूझ रहे बेजुबान जानवर पानी पीने के लिए रिहायशी क्षेत्रों में पहुंच रहे हैं, लेकिन खुले जलस्रोतों में पानी न होने से उन्हें इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। इन बेजुबान जानवरों की मदद के लिए दमकल चौकी बिझड़ी के कर्मचारियों ने अनूठी पहल की है। मासिक वेतन से पैसा एकत्रित कर कर्मचारी उपमंडल बड़सर के वन परिक्षेत्र बिझड़ी की 11 बीटों और बड़सर वन परिक्षेत्र की 24 बीटों के जंगलों में सूखे जलस्रोतों में पानी डालने का कार्य कर रहे हैं, ताकि जंगलों में जानवरों को पीने के लिए पानी उपलब्ध करवाया जा सके। कर्मचारी प्रतिदिन जंगलों में अलग-अलग स्थानों पर जाकर जलस्रोतों में पानी भर रहे हैं। जिलेभर की 70 बीटों में इस बार वन परिक्षेत्र बिझड़ी और बड़सर में आग की घटनाएं सामने आई हैं। अपने वेतन से पैसे एकत्र कर कर्मचारियों ने टैंकर मंगवाकर इन पेयजल स्रोतों में पानी डाला है ताकि जानवरों को पानी मिल सके। 35 बीटों में बंटे बड़सर उपमंडल में एक भी जंगल ऐसा नहीं हैं जहां पर आग नहीं लगी हो। आग के कारण वन संपदा के साथ-साथ जंगली जानवर भी जिंदा जले हैं। ऐसे में आग से बचे जानवरों की रक्षा के लिए दमकल विभाग के कर्मचारी कार्य कर रहे हैं। कर्मचारी वतन सिंह, पूरण कुमार, चुनी लाल, रवि कुमार, रणजीत सिंह, कुलदीप कुमार ने कहा कि भीषण गर्मी के बीच जल स्रोतों में लगातार जल स्तर कम हो रहा है। जानवरों से लेकर लोगों को पानी के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में जानवरों को पानी मुहैया कराने के लिए कर्मचारियों ने यह अभियान शुरू किया है। उन्होंने लोगों से भी अपने घरों की छतों पर पक्षियों के लिए पानी रखने का आग्रह किया है।
समाचार: बवीता चंदेल