हमीरपुर। जिला मुख्यालय हमीरपुर से सटी ग्राम पंचायत दडूही में हेलीपोर्ट बनाने की कवायद शुरू हो गई है। जिला प्रशासन के निर्देश पर पर्यटन विकास विभाग, वन विभाग और राजस्व विभाग ने ग्राम पंचायत दडूही में सरकारी भूमि का निरीक्षण कर यहां पर करीब 26 कनाल भूमि को हेलीपोर्ट के लिए उपायुक्त पाया है। चिह्नित भूमि को पर्यटन विकास विभाग के नाम ट्रांसफर करने की मुहिम शुरू हो गई है।
यहां हेलीपोर्ट के निर्माण के लिए संबंधित पंचायत से अनापत्ति प्रमाणपत्र भी मिल गया है। एनओएसी मिलने के बाद पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग ने संबंधित भूमि पर हेलीपोर्ट निर्माण के लिए डिजाइनिंग का कार्य शुरू कर दिया है। विभाग के पास इसके लिए करीब साढ़े चार करोड़ रुपये का बजट भी स्वीकृत है।
हेलीपोर्ट बनने से जिला मुख्यालय से भविष्य में हैलीटैक्सी सेवाएं शुरू करने की सुविधा मिलेगी। वर्तमान में मुख्यमंत्री या अन्य कोई वीवीआईपी को हमीरपुर आना हो तो राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान हमीरपुर या राजकीय बहुतकनीकी महाविद्यालय बड़ू के खेल मैदान में हेलिकॉप्टर की लैंडिंग होती है।
जिला प्रशासन के पास इन दोनों शिक्षण संस्थानों के अलावा अपना कोई हैलीपैड या हेलीपोर्ट नहीं है। हालांकि बीते साल ही राजकीय बहुतकनीकी महाविद्यालय बड़ू के खेल मैदान में हैलीपैड का शिलान्यास भी हो चुका है। अब दडूही पंचायत में हेलीपोर्ट बनने से हेलिकॉप्टर के टेक ऑफ और लैंडिंग की सुविधा प्राप्त होगी।
इधर, हमीरपुर के सहायक जिला पर्यटन विकास अधिकारी रवि धीमान ने बताया कि ग्राम पंचायत दूडही में हेलीपोर्ट निर्माण के लिए 26 कनाल सरकारी भूमि चिह्नित की गई है। जल्द ही आगामी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी।