पंचायतें कूड़े के निपटारे के लिए जगह ढूंढने में लगीं
सप्ताह में केवल दो दिन बाजार से कूड़ा उठाया जा रहा है।
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़सर (हमीरपुर)। उपमंडल बड़सर के मैहरे में पिछले काफी समय से कूड़े के निपटान की समस्या बनी हुई है। बड़सर उपमंडल के प्रमुख कस्बे मैहरे में कभी-कभी ही कूड़ा उठाया जाता है। जगह-जगह कूड़े के ढेर देखने को मिल रहे हैं। दुकानदारों को स्वयं नालियों की साफ-सफाई करनी पड़ती है। कुछ माह पहले बाजार और कुछेक कॉलोनी से व्यापार मंडल के लगाए कर्मचारी कूड़ा इकट्ठा किया करते थे। प्रति घर और प्रति दुकान से हर माह रुपये लिए जाते थे ताकि कर्मचारियों को मेहनताना दिया जा सके। लेकिन, हाईकोर्ट के आदेश के बाद बड़सर पंचायत में जिस तरह से कूड़ा फेंका जाता था उसे प्रतिबंधित कर दिया। आनन-फानन में बड़सर पंचायत में कूड़ा फेंकने पर रोक लगा दी। बड़सर पंचायत प्रधान राजेश कुमारी ने कहा कि बड़सर पंचायत के अधिकार में जो क्षेत्र आता है, वहां के सारे कूड़े का निपटारा अब पंचायत स्वयं अपने स्तर पर करेगी। इसके लिए जब्बल खैरियां में जगह भी चिह्नित कर ली गई है। वहां के एक स्थानीय व्यक्ति ने इस काम के लिए जगह भी मुहैया करवा दी है। अब वहां मूलभूत ढांचा बनाकर जल्द ही गीले कचरे का निपटारा किया जाएगा। लेकिन, कई माह बीत जाने के बाद भी बड़सर पंचायत में यह प्रक्रिया आरंभ नहीं हो पाई है। दो माह पहले ऊना से मैहरे बाजार में ठेकेदार के माध्यम से कूड़े का निपटान किया गया। शुरू-शुरू में कूड़ा उठाया, लेकिन अब दोबारा से समस्या उत्पन्न हो रही है। वहीं, दुकानदारों का कहना है कि सप्ताह में केवल दो दिन बाजार से कूड़ा उठाया जा रहा है। इससे दोबारा समस्या उत्पन्न हो गई है। एसडीएम बड़सर राजिंद्र कुमार ने कहा कि चार पंचायतें जिनके अधिकार क्षेत्र में यह बाजार आता है, उनसे बात की गई है। सबको निर्देश दिए गए हैं कि सीधे तौर पर इसमें पंचायत ही कार्रवाई कर सकती हैं। पंचायतें अपनी-अपनी जगहों पर कूड़े के निपटारे के लिए जगह ढूंढने में लगी हुई हैं।