हमीरपुर। नगर परिषद हमीरपुर में शिक्षा एवं खेल विकास कमेटी के अधीन प्रशासन की ओर से बनाई गई अधिकतर दुकानों पर किसी तीसरे व्यक्ति का कब्जा है। नगर परिषद ने 300 रुपये मासिक किराये पर ये दुकानें आवंटित की हैं, लेकिन दुकानें हासिल करने वाले अधिकतर दुकानदार इन दुकानों को 10 से 12 हजार रुपये तक मासिक किराये पर सबलेट के रूप में देकर चांदी कूट रहे हैं। 100 के करीब इन दुकानों में से 12 से अधिक दुकानदारों के साथ ऐसे मामले सामने आ चुके हैं।
सोमवार को भी ऐसा ही मामला सामने आया। इसमें सबलेट पर दुकान हासिल करने वाले व्यक्ति ने जिला प्रशासन को शिकायत पत्र सौंपा है। सोनी नाम के दुकानदार ने उपायुक्त हमीरपुर को सौंपी शिकायत में कहा कि वह वर्ष 2012 से यहां दुकान कर रहा है। इस दुकान का श्रम विभाग से लाइसेंस भी बनाया हुआ है। इस दुकान के बदले में वह नगर परिषद के पूर्व प्रतिनिधि को 10,000 रुपये मासिक किराया दे रहा था। साथ ही यह दुकान हासिल करने के लिए 1.20 लाख रुपये की राशि सिक्योरिटी के रूप में भी दी है, लेकिन वर्ष 2021 में नगर परिषद के तत्कालीन कार्यकारी अधिकारी ने खोखा मार्केट का निरीक्षण करने के दौरान उन्हें यह किराया संबंधित दुकानदार और पूर्व प्रतिनिधि को न देने की बात कही थी। इसके बाद छानबीन में पाया कि यह दुकान पूर्व प्रतिनिधि के एक रिश्तेदार के नाम पर है। सोनी ने बताया कि उसने नगर परिषद से यह दुकान हासिल करने के लिए आवेदन भी किया हुआ है, लेकिन रविवार शाम को पूर्व प्रतिनिधि ने उसकी दुकान के ताले तोड़ दिए और नए ताले लगाकर उसकी दुकान के आगे गाड़ी खड़ी कर दी। सोनी ने कहा कि अगर यह दुकान जल्दी न खोली गई तो दुकान के भीतर रखा सामान खराब हो सकता है। हाल में एक इलेक्ट्रिकल्स की दुकान करने वाले के साथ भी ऐसा ही मामला सामने आया है।
मामले की जांच जारी, फिर होगी कार्रवाई
नगर परिषद के ईओ संजय कुमार ने कहा कि मामले की छानबीन जारी है। जल्द ही उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। एसडीएम हमीरपुर मनीष कुमार सोनी ने कहा कि दुकान पर कब्जा करने के मामले की जांच की जाएगी।