बिझड़ी (हमीरपुर)। जिला हमीरपुर के एक शिक्षा खंड के खंड शिक्षा अधिकारी (बीईईओ) और खंड स्रोत केंद्र समन्वयक (बीआरसीसी) के खिलाफ न्यायालय के आदेश पर बड़सर पुलिस थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ है। इन दोनों अधिकारियों पर सेमिनार से अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों की रजिस्टर पर फर्जी हाजरियां लगाने और सरकारी धनराशि का दुरुपयोग करने का आरोप है। न्यायालय के आदेश के बाद बड़सर पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
शिक्षकों के हस्ताक्षर और रजिस्टर पर लगाई हाजरियों के नमूने लेकर फोरेंसिक साइंस लैब भेजे जाएंगे। लैब से रिपोर्ट आने के बाद न्यायालय में चालान पेश किया जाएगा। यह मामला शिक्षा खंड बिझड़ी से संबंधित है। वर्ष 2018 में तत्कालीन बीईईओ व खंड स्रोत समन्वयक ने शिक्षकों के लिए एक सेमिनार आयोजित किया था। 15 अक्तूबर 2018 से लेकर 21 अक्तूबर 2018 तक आयोजित इस सेमिनार में खंड प्रारंभिक शिक्षा कार्यालय के अंतर्गत आने वाले राजकीय प्राथमिक पाठशालाओं के अध्यापकों को ट्रेनिंग दी गई थी। कुछ पाठशालाओं में महज एक ही अध्यापक था। कम स्टाफ होने के चलते इन पाठशालाओं के शिक्षक उस सेमिनार के दौरान स्कूल में ही बच्चों को पढ़ाते रहे लेकिन सेमिनार के दौरान रजिस्टर पर उनकी उपस्थिति दर्शाई गई। तब इन शिक्षकों को यह समझ नहीं आया कि जब वे स्कूल में थे तो उनकी हाजिरी सेमिनार में कैसे लग गई। आरोप है कि जब उन शिक्षकों ने अपने अधिकारियों से पूछा तो उनको डराया धमकाया भी गया। उच्च अधिकारियों की ओर से इन कुछ शिक्षकों पर दबाव डालकर फर्जी हस्ताक्षरों को ही अपने हस्ताक्षर बताने पर मजबूर किया गया लेकिन इनमें से दो पाठशालाओं के अध्यापकों ने हिम्मत रखते हुए बताया कि हमने सेमिनार में भाग नहीं लिया था तो फिर हमारे हस्ताक्षर वहां पर कैसे किए गए। जबकि, उन दिनों की हाजिरी हमारी स्कूल में लगी हुई है। इसके लिए उन्होंने अपने ही विभाग से आरटीआई भी ली। जिसमें खुलासा हुआ कि यह हस्ताक्षर तो हमारे हैं ही नहीं। कई बार शिक्षा विभाग व पुलिस को भी शिकायत पत्र लिखे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिसके चलते न्यायालय का दरवाजा खटखटाया गया। अब न्यायालय के आदेशों पर बड़सर पुलिस थाना में तत्कालीन प्राथमिक शिक्षा खंड अधिकारी और बीआरसीसी के विरुद्ध धोखाधड़ी, सरकारी पैसे का गलत प्रयोग, आपराधिक षडयंत्र आदि की विभिन्न धाराओं में बड़सर थाना में मुकदमा दर्ज हुआ। बड़सर थाना प्रभारी प्रवीण राणा ने बताया कि बिझड़ी पुलिस चौकी प्रभारी प्रताप सिंह द्वारा कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। शिकायतकर्ता के साथ-साथ उन शिक्षकों के भी बयान दर्ज किए गए हैं, जिन्होंने अपने हस्ताक्षरों को फर्जी बताया है। इनके हस्ताक्षर लिए जाएंगे और कोर्ट में पेश किए जाएंगे। फोरेंसिक साइंस लैब से रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा कि हस्ताक्षर फर्जी हैं या नहीं।