फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hamirpur (Himachal) News: मुख्य आरोपी उमा आजाद समेत चार आरोपियों को न्यायिक हिरासत से रिमांड पर लिया

विज्ञापन
विज्ञापन
हमीरपुर। पोस्ट कोड 970 जेई सिविल भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले में नामजद मुख्य आरोपी उमा आजाद समेत चार आरोपियों को जिला सत्र न्यायालय से जमानत नहीं मिल पाई। न्यायालय ने शनिवार को चारों आरोपियों को 7 नवंबर तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। इससे पूर्व यह न्यायिक हिरासत में थे। अब इनकी जमानत पर 7 नवंबर को जिला सत्र न्यायालय में सुनवाई होगी।
विज्ञापन


भंग होने से पूर्व हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से आयोजित जेई सिविल भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में एसआईटी (विजिलेंस के विशेष जांच दल) ने 17 जून 2023 को अभ्यर्थी मुकेश कुमार, उसके पिता रणजीत सिंह, बर्खास्त ट्रैफिक इंस्पेक्टर रवि कुमार और आयोग के पूर्व सचिव एवं एचएएस अधिकारी जितेंद्र कंवर के खिलाफ विजिलेंस थाना हमीरपुर में केस दर्ज किया है। जितेंद्र कंवर पूर्व में एक अन्य मामले में पुलिस हिरासत में रहने के बाद वर्तमान में जमानत पर रिहा हो चुके हैं। जबकि मुकेश कुमार, रणजीत सिंह और रवि कुमार ने जमानत के लिए पहले 22 सितंबर 2023 को प्रदेश उच्च न्यायालय और बाद में 13 अक्तूबर 2023 को सर्वोच्च न्यायालय में अर्जी दी थी। लेकिन, दोनों जगह से कोई राहत न मिलने पर तीनों आरोपी बीते अक्तूबर में विजिलेंस थाना हमीरपुर में आत्मसमर्पण कर चुके हैं। तीनों न्यायिक हिरासत में थे, लेकिन एसआईटी की मांग पर अब इनकी न्यायिक हिरासत को पुलिस रिमांड में बदल दिया गया है। वहीं, एसआईटी जेई सिविल समेत अन्य करीब 14 विभिन्न पोस्ट कोड के पेपर लीक मामले में केस दर्ज कर विस्तृत जांच कर रही है। उधर, एसपी विजिलेंस मंडी राहुल नाथ ने कहा कि हमीरपुर जिला सत्र न्यायालय ने जेई सिविल पेपर लीक मामले में चारों आरोपियों को 7 नवंबर तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। एसआईटी हर पहलू की गहनता से जांच कर रही है।

वरिष्ठ सहायक उमा आजाद भी पोस्ट कोड 970 जेर्ई सिविल मामले में आरोपी
हमीरपुर। भंग हो चुके हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग की गोपनीय शाखा से निलंबित वरिष्ठ सहायक उमा आजाद भी पोस्ट कोड 970 जेर्ई सिविल मामले में आरोपी बन गई हैं। इससे पूर्व इस मामले में पूर्व सचिव डॉ. जितेंद्र कंवर, अभ्यर्थी मुकेश कुमार, उसके पिता रणजीत सिंह और बर्खास्त ट्रैफिक इंस्पेक्टर रवि कुमार ही नामजद थे। लेकिन अब पांचवें आरोपी के रूप में उमा आजाद भी इस मामले में नामजद हो गई हैं। एसआईटी ने शनिवार को हमीरपुर न्यायालय में एक अर्जी देकर उमा आजाद को भी पुलिस रिमांड पर भेजने की मांग उठाई, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। अब उमा आजाद भी अन्य तीन आरोपियों के साथ 7 नवंबर तक पुलिस रिमांड पर रहेंगी। इससे पूर्व उमा आजाद न्यायिक हिरासत में चल रही थीं। विजिलेंस ने 23 दिसंबर 2022 को उमा आजाद को पोस्ट कोड 965 जेओए आईटी पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किया है। तब से अभी तक वह हिरासत में ही है। उसका बड़ा बेटा नितिन आजाद भी न्यायिक हिरासत में है। एसआईटी ने पुलिस रिमांड मिलते ही इन चारों से गहन पूछताछ शुरू कर दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


-
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें