हमीरपुर। छात्रा से छेड़छाड़ के मामले में नामजद आरोपी पूर्व स्कूल प्रिंसिपल को जिला सत्र न्यायालय हमीरपुर के विशेष न्यायाधीश ने दोषी करार दिया है। दोषी को तीन साल का कारावास और 33 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई गई है। दोषी की पहचान गौरी शंकर निवासी गांव सिंघवी, डाकघर पथलयार तहसील बड़सर और जिला हमीरपुर के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ पुलिस थाना बड़सर में वर्ष 2019 में मामला दर्ज हुआ था। आरोप है कि गौरी शंकर जब बड़सर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत एक सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल था, तो उसने स्कूल में पढ़ने वाली नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ की थी।
जिस पर परिजनों ने पुलिस में शिकायत दी थी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने पॉक्सो एक्ट और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया था। वहीं, शिक्षा विभाग ने भी स्कूल प्रिंसिपल को संबंधित स्कूल से हटाकर उसका हैडक्वार्टर शिमला फिक्स किया था। वर्ष, 2022 में संबंधित दोषी स्कूल प्रिंसिपल के पद से सेवानिवृत्त हो चुका है। पुलिस ने मामले की जांच कर न्यायालय में चालान पेश किया। इस मामले की जानकारी देते हुए जिला न्यायवादी संदीप अग्निहोत्री ने बताया कि अदालत ने भादसं की धारा 354-ए छेड़छाड़ के मामले में एक साल का कारावास और दस हजार रुपये जुर्माना, पॉक्सो एक्ट की धारा 12 के तहत तीन साल का कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माना, आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत एक साल का कारावास और तीन हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई गई है। जुर्माना न भरने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास काटना होगा।
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