तुड़ान गांव में आजादी के 76 वर्ष बाद भी नहीं पहुंच पाई सड़क
कहा, सड़क सुविधा न मिलने पर करेंगे लोकसभा चुनाव का बहिष्कार
संवाद न्यूज एजेंसी
बिझड़ी (हमीरपुर)। बिलासपुर और हमीरपुर जिले की सीमा के साथ लगती ग्राम पंचायत भैल के तुड़ान गांव को आजादी के 76 वर्ष बीत जाने के बाद भी सड़क नहीं मिल पाई है। इससे ग्रामीण मुश्किल में हैं। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक गांव में सड़क सुविधा नहीं होगी, किसी भी नेता को गांव में घुसने नहीं दिए जाएगा। आगामी लोकसभा चुनाव का भी बहिष्कार किया जाएगा। ग्रामीणों जसवंत सिंह, अंकित सिंह, राकेश कुमार, प्रेमवती, सरस्वती देवी, रीता देवी, नारायणी देवी, सीमा कुमारी ने प्रेस बयान के माध्यम से कहा कि जब तक गांव में सड़क सुविधा नहीं होगी, तब तक किसी भी नेता को गांव में घुसने नहीं दिए जाएगा। ग्रामीणों ने कहा कि आज तक नेताओं ने उन्हें लुभावने वादे करके वोट हासिल किए हैं। लगभग 76 वर्षों से ग्रामीण सड़क सुविधा से महरूम हैं। गांव में अगर कोई बीमार हो जाए तो ऐसे में मरीज को तीन किलोमीटर तक पालकी में बैठाकर ले जाना पड़ता है। बच्चे भी जंगल के रास्ते से होकर डंगार स्कूल में पढ़ाई करने के लिए जाते हैं। सड़क सुविधा न होने के चलते हर वक्त बच्चों का डर सताता रहता है कि रास्ते में कोई अनहोनी न हो जाए। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क सुविधा के लिए जिलाधीश, विधायक, सांसद तथा अन्य नेताओं से कई बार गुहार लगा चुके हैं लेकिन आज तक किसी ने भी तुड़ान गांव में सड़क बनाने की जहमत नहीं उठाई। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क सुविधा को लेकर सांसद एवं केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर से भी गुहार लगाई थी परंतु उन्हें आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिला। उन्होंने कहा कि नेताओं को भी चुनाव के समय याद आती है। चुनाव जीतने के बाद नेता ढूंढने से नहीं मिलते, संपर्क साधने पर नेता के पर्सनल सेक्रेटरी यह कहकर फोन काट देते हैं कि साहब बहुत व्यस्त हैं। इस बारे में ग्राम पंचायत भैल के प्रधान प्रेमचंद ने कहा कि गांव में भूमि विवाद के चलते संपर्क सड़क का निर्माण नहीं हो पा रहा है। भूमि विवाद हल होने के बाद ही संपर्क सड़क का कार्य करवाया जाएगा।