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Hamirpur (Himachal) News: आईजीएमसी में क्यूआर कोड स्कैन कर जमा करा सकेंगे टेस्टों की फीस

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अस्पताल के कैश काउंटरों पर सुविधा शुरू
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मरीजों को लंबी लाइनों में खड़े होने से मिलेगा छुटकारा

संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। आईजीएमसी में अब टेस्टों की फीस क्यूआर कोड स्कैन करके भी जमा की जा सकेगी। अस्पताल के पर्ची काउंटर और कैश काउंटर पर शुक्रवार से यह सुविधा शुरू कर दी गई। आईजीएमसी के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राहुल राव ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पहली बार किसी अस्पताल में यह सुविधा उपलब्ध करवाई गई है।

इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में रोजाना औसतन तीन हजार से अधिक मरीज विभिन्न ओपीडी में उपचार करवाने के लिए आते हैं। चिकित्सकों की तरफ से लिखे जाने वाले टेस्टों की फीस पर्ची और कैश काउंटर पर काटी जाती थी। इसके लिए कई बार लोगों को लाइनों में भी लगना पड़ता है। इसमें घंटों लग जाते हैं। इसके अलावा छूटे पैसों को लेकर भी यहां दिक्कत रहती है। अब क्यूआर कोड की सुविधा शुरू होने से इन सब झंझटों से छुटकारा मिल जाएगा। प्रबंधन ने एसबीआई से इस सुविधा को प्रदान करने के लिए आग्रह किया था। इसके बाद बैंक ने यह सुविधा मुहैया करवा दी है।
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2465 मरीजों ने करवाया उपचार
आईजीएमसी में शुक्रवार को विभिन्न ओपीडी में उपचार करवाने के लिए भारी संख्या में मरीज पहुंचे। अस्पताल में शाम चार बजे तक विभिन्न ओपीडी में 2,465 मरीजों ने उपचार करवाया। इनमें जनरल ओपीडी में 2340 और 125 मरीजों ने आपात स्थिति में उपचार करवाया।
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दूसरे दिन दिन भी दुरुस्त नहीं हुई लिफ्ट
आईजीएमसी के न्यू ओपीडी ब्लॉक में आगजनी की घटना से खराब हुई मुख्य लिफ्ट अभी भी बंद है। डॉक्टरों की लिफ्ट ठीक कर दी है। इसी से डॉक्टर और मरीज आवाजाही कर रहे हैं लेकिन हजारों मरीजों के लिए यह लिफ्ट पर्याप्त नहीं है। लिहाजा 12 मंजिला ओपीडी में उपचार करवाने पहुचे अधिकांश मरीज सीढि़यों से और रैंप से पैदल चलकर ओपीडी पहुंच रहे हैं।
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