हमीरपुर। जिले का मत्स्य विभाग किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए महाशीर मछली उत्पादन पर 40 से 60 फीसदी तक अनुदान मुहैया करवा रहा है। विभाग वित्त वर्ष 2023-24 में पांच बायोफ्लॉक टैंक निर्मित करवा रहा है। इनमें से चार टैंकों का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि एक टैंक निर्माणाधीन है। इनकी पांच मीटर ऊंचाई, जबकि डेढ़ मीटर व्यास रखा गया है।
मत्स्य विभाग की योजना के अनुसार अनुसूचित जाति और जनजाति से संबंंधित किसानों को 60 फीसदी, सामान्य वर्ग व अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित किसानों को 40 फीसदी अनुदान प्रदान कर रहा है। मत्स्य विभाग ने पांच किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रति टैंक चार लाख पचास हजार रुपये अनुदान के रूप में प्रदान किए हैं। एक टैंक को निर्मित करने के लिए सात लाख पचास हजार रुपये लागत आती है। विभाग अब इन पांच टैंकों में महाशीर मछली का बीज डालने की तैयारी में है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से चकमोह ग्राम पंचायत के बल्ह अर्जुन गांव में किशन चंद ने एक टैंक और धनेटा गांव के लक्ष्य पठानिया ने तीन टैंकों का निर्माण करवाया। इसके अलावा विकास खंड भोरंज के बाहनवीं गांव में एक टैंक निर्मित किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से पांच किसानों के बायोफ्लॉक टैंक निर्मित करवाए जा रहे हैं। इनके बन जाने के बाद इनमें महाशीर मछली का बीज डाला जाएगा। इस योजना में किसानों को 40 व 60 फीसदी अनुदान प्रदान किया जा रहा है।
-अजय कुलदीप, वरिष्ठ मत्स्य अधिकारी, जिला हमीरपुर।