बारिश न होने से खेतों में मुरझाई गेहूं की फसल। संवाद
हमीरपुर। बिना बारिश के किसानों की लोहड़ी भी सूखी ही गुजर गई। चेहरे मायूस हैं। खेतों में गेहूं की फसल सूख रही है। गेहूं के हरे पत्ते पीले पड़ने लगे हैं। आमतौर पर लोहड़ी या लोहड़ी पर्व के नजदीक किसानों को बारिश की उम्मीद रहती है, लेकिन लंबे अरसे के बाद लोहड़ी तक मेघ नहीं बरसे हैं। किसानों को कड़ी मेहनत से उगाई गेहूं की फसल मुरझाने का खतरा पैदा हो गया है। ऐसे में पशुधन के लिए चारे की व्यवस्था करना भी मुश्किल हो जाएगा। किसान अपने खेतों में गेहूं की फसल को सूखता हुआ देखकर काफी निराश हैं। प्रार्थना कर रहे हैं कि बारिश हो जाए और उनके खेतों में हरियाली दोबारा छा जाए। खेतों में इस बार गेहूं की फसल पूरी तरह से पीली हो गई है। जिला हमीरपुर के किसानों सुशील कुमार, महेंद्र कुमार, संजय कुमार,अश्वनी कुमार, पवन शर्मा, मनोहर लाल, सुशील अत्री, कमल कुमार और विजय कुमार का कहना है कि बारिश न होने से गेहूं की फसल सूख रही है।
ऐसा इससे पहले एकबार हुआ था, जब पूरी सर्दियों के मौसम में कोई भी बारिश ही नहीं हुई थी। किसानों का कहना है कि फसल सूखने पर प्रदेश और केंद्र सरकार को किसानों के लिए मुआवजे का प्रावधान करना चाहिए। जिन किसानों ने अपनी गेहूं की फसल का बीमा कंपनी से करवा रखा है उन्हें तो मुआवजा मिल जाएगा लेकिन जिन्होंने बीमा नहीं करवाया हुआ है, उन किसानों को इसका लाभ कैसे मिल पाएगा। उन्होंने सरकार से जिला हमीरपुर को सूखाग्रस्त घोषित करके किसानों को मुआवजा देने की गुहार लगाई है ताकि किसान आगामी फसलों के लिए बीज का प्रावधान कर सकें।
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जिला कृषि विभाग के उप निदेशक सुरेश कुमार धीमान ने बताया कि बारिश न होने के कारण किसानों की फसलें सूखने के कगार पर पहुंच गई हैं। हालांकि, बुआई के दौरान अच्छी बारिश हुई थी और फसलें भी अच्छी उगी थीं लेकिन बारिश न होने से फसलें सूखने वाली हैं।